आजकल एक खतरनाक WhatsApp स्कैम चर्चा में है – फेक “RTO E-Challan” APK भेजकर यूज़र्स के फोन हैक किए जा रहे हैं। Traffic डिपार्टमेंट की आधिकारिक फाइल समझकर डाउनलोड करना गहरा नुकसान पहुंचा सकता है। आइए समझें कैसे फैलता है, कैसे पहचानें, और अपने डेटा को सुरक्षित रखें:
🔍 स्कैम कैसे काम करता है?
- WhatsApp तकलीफदेह मैसेज
- एक अज्ञात या आपके किसी संपर्क की यूज़रनेम से “RTO E-Challan” या “mParivahan.apk” नाम से फाइल और चेतावनी भेजी जाती है।
- मैसेज में लिखा होता है कि आपकी गाड़ी का चालान बकाया है या red-light उल्लंघन हुआ है।
- APK इंस्टॉल – दरअसल चालान नहीं, मालवेयर
- APK इंस्टॉल करने पर फोन के SMS, Contacts, Notifications पर एक्सेस मिल जाता है और डेटा चोरी किया जाता है।
- यह APK आपके WhatsApp से ऑटोमैटिक रूप से सभी Contacts को मैसेज भेजना शुरू कर देता है।
- कई मामले में, WhatsApp अकाउंट ही ban हो गया।
- जानकारियां और गवर्नमेंट अलर्ट्स
- Pune Traffic Police ने ट्विटर पर आधिकारिक सुरक्षा गाइड शेयर की है: लिंक .gov.in/ parivahan.gov.in से ही सही, अन्य किसी लिंक से डाउनलोड न करें, और संदिग्ध UPI से पेमेंट न करें।
- Digit, Moneycontrol, Times Now, NewsBytes जैसे मंचों ने चेतावनी जारी की है: MP-Parivahan/ Ministry of Road Transport WhatsApp या SMS पर चालान भेजते ही नहीं।
✅ पहचानें अलर्ट सिगनल:
- अज्ञात नंबर से “Legal Proceedings: Rs. 1000 challan” जैसे SMS।
- भूल-भुलैया फ़ोनिस्टिक नाम और लोगो लगा कर व्याकुल करने की कोशिश।
- लिंक या APK
.gov.inयाparivahan.gov.inसे नहीं। - WhatsApp नाम पर अकाउंट हटा दिया जाना।
🛡 बचाव के उपाय (User Safety Tips)
- APK छोड़ना ही सुरक्षित
- WhatsApp/SMS में भेजी APK न खोलें—सरकारी ऐप्स केवल Play Store या ऑफिसियल वेबसाइटों पर होती हैं।
- जंक लिंक न खोलें
- अप़ना WhatsApp सुरक्षा सेटिंग्स खोल कर “Install from unknown sources” बंद रखें।
- मात्र
.gov.in/parivahan.gov.inलिंक पर ही भरोसा करें।
- इंस्टॉल कर लिया है? तुरंत करें ये काम
- इंटरनेट डिस्कनेक्ट करें, सस्पेक्टेड एप अनइंस्टॉल करें।
- अथॉरिटीज़ को रिपोर्ट करें: WhatsApp/block/send स्क्रीनशॉट; पुलिस को 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।
- जानकारों को दें अलर्ट
- संदेश भेजने वाले को ब्लॉक करें, और अपने परिवार, दोस्तों को सावधान करें।
❗ निष्कर्ष
- WhatsApp पर भेजी APK से सावधान रहें।
- सिर्फ़ आधिकारिक Parivahan पोर्टल पर ही चालान चेक करें।
- संदिग्ध संदेश मिलते ही ब्लॉक और रिप्लाई अवॉइड करें।
