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Lenskart Case Study || Lenskart Business Strategy || How Peyush Bansal Started Lenskart

Lenskart Case Study || Lenskart Business Strategy || How Peyush Bansal Started Lenskart

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07/12/2024

84 लाख से ज्यादा मंथली कस्टमर 120 शहरों में हजार से ज्यादा स्तोत्र और मैं इस चश्मे की मार्केट का तीस परसेंट मार्केट शेयर यह बात हो रही हमारे शांति निंजा गेम फेवरेट शार्क प्याज बंसल जी के बिजनस लेंसकार्ट की तो आज मैं आपके लिए लेकर आऊं लेंसकार्ट करके स्टडी जिसमें दूंगा आपके सभी सवालों का जवाब तो चैनल पर नए हैं तो सब्सक्राइब कीजिए वीडियो पसंद आए तो लाइक.

कीजिए ज्यादा जरूर शेयर कीजिए और अब बिना समय व्यतीत करते हुए युग की शुरुआत है कर दो कि [संगीत] लेंसकार्ट चश्मों का बिजनेस करता है यह तो आपको मुझको पता है लेकिन सबसे पहले अपने यह देखना है कि लेंसकार्ट के आने से पहले चश्मे का व्यापार कैसे हुआ करता था तो.

आपको याद अगर आपने कुछ समय पहले बचपन में 10 साल भी साल पहले अगर चश्मा बनवा है तो क्या प्रोसेस ठीक आप पहले डॉक्टर की जाते थे डॉक्टर की आंखें चैप्टर कि आपको नंबर देता था वह नंबर लेकर ऑपरेशन के बाद जाते थे और ट्यूशन फिर आपको ग्लास के बारे में बताता था फिर यहां पर 500 थे उस पर सक्रिय करके पसंद करते थे और फिर फाइनली वह कहते थे ठीक है बनकर तीन चार दिन आपके घर आ.

जाएगा तीन-चार दिन बाद अब दोबारा जाते थे दोबारा लेकर आते थे इस पूरी प्रोसेस में 7 से 10 दिन का समय आसानी से लग जाता है तो यह तो बात हुई प्रोसेस कि अब हम देखते हैं कि यह हमारे पास उस समय चश्मा लग गया ऑप्शन या देता तो दो ऑप्शन दे चश्मे का मार्केट हमेशा से टोटल पांच परसेंट मार्केट यह जो ऑर्गेनाइज्ड मार्केट है जहां पर बड़ी-बड़ी चेंज कैड रॉक बैंड.

हैदराबाद चश्मा ले जाएंगे सबको हजारों वैराइटी मिलेगी आपको अलग-अलग रेंज मिलेगी कस्टमर सर्विस मिलेगी क्वालिटी मिलेगी लेकिन इतनी है लिया वह सब मैंने मिलते हैं बेसिक जो बेसिक चश्मा ₹500 ₹3000 से चालू होता है और दूसरी तरफ जाएंगे छोटी दुकानों पर तो वहां पर आपको चर्च में सस्ते मिलेंगे दो सौ रुपए से लेकर ₹500 के लिए में कुछ टिप्स मिलेंगे लेकिन मानव.

क्वालिटी की गारंटी है ना वैरायटी है ना वहां पर कोई कस्टमर सर्विस है तो कस्टमर से भैया बहुत प्रॉब्लम है कि बढ़िया क्वालिटी चाहिए तो भैया पैसे दो तने है नहीं और कम पैसे में साधो कठिन है यह मार्केट में गया था यह मार्केट परेशानी है और जहां परेशानी होती है जहां गया होता है वहां पर बिजनेसमैन को दिखता है बिजनस फॉर्च्यूनर पीछे और यही बिजनस एस पर चढ़ी.

देखिए हमारे स्विस बंदर को उन्होंने कहा कि क्यों ना एक ऐसी कंपनी लिया जाए जो कह दे कि मैं ऊपर वाली सारी रस लेडीस दूंगा क्वालिटी भी दूंगा कस्टमर सर्विस भी दूंगा रेंज भी दूंगा वैरायटी भी दूंगा और पैसे यह नीचे वाले लूंगा इसी इस प्रश्न के साथ इसी सोच के साथ ऐसी विजन के साथ लेंसकार्ट करने की मीनू जी ने शुरू हुई यह तो बात हुई एक्सपेक्टेशन एक है कि इन्होंने.

मार्केट की एक्सिसिबिलिटी और अगले ठीक आगे भी दूर करने की सोची इन्होंने का भैया मार्केट में 50 करोड़ से ज्यादा लोगों को चश्मे की जरूरत है और 20 करोड़ के आसपास है क्यों कि गांव में प्रवेश नहीं कर दिया चश्मा पहनना चाहिए छोटे टीयर वन टियर-2 और टियर-3 शहरों में लिमिटेड दुकान है और बड़े शहरों में भी दुकान है तो इतनी ज्यादा नहीं है जितनी ज्यादा मोबाइल किए.

तो जिस मोबाइल से ज्यादा जरूरी चश्मा है लेकिन उसकी दुकान है कमर तोड़ने का भैया मार्केट भी खुला पड़ा है डोंट लगाओ तो यहां पर मैं एक छोटे व्यापारियों के लिए बिजनेस कर देना चाहूंगा कि जब भी किसी मार्केट में एंटर करें यह बाकी कि आपके साथ यह भी देखें क्या उस मार्केट में आपके प्रोडक्ट या सर्विस के फैलने का इन आप इसको है अब बात आती है कि दिया Idea 28 या.

दिमाग में कि ऐसा कर सकते हैं लेकिन उस चीज होती है उसका इंप्लिमेंटेशन Idea तो सबको आता है इंप्लिमेंट बहुत कम लोग कर पाते हैं है और इंप्लीमेंट करने में आते हैं दुनिया भर के चैलेंज और स्पेशली जब आप मार्केट में पहले तो इनको क्या-क्या चैलेंज जाए और कैसे-कैसे खबर कि फिट चैलेंज फेयर ऑफ कॉमर्स वर्ग यह क्या है अरे यार हमारी आदत का चश्मा लेने के लिए.

भैया हम चश्मे की बात है आंखों की बात है डॉक्टर के जाएंगे पहले फिर हम स्टेशन के जाएंगे लगा कर देखेंगे चेक होगा फिटिंग होगी उसके बाद लेंगे कल कुछ पंगा हो गया तो हम ही कोर्स पर क्यों ने तो आदमी पहली बात हुई कस्टमर थे वह जो लेयर ऑनलाइन नहीं लेंगे लेकिन यूज बंसल ने कभी एसेंस नहीं लोगे फायदे देर हूं तो मैं दुनिया भर के सबसे पहला दत्त रहेगी तुमने कहा कि नया.

दुकान पर आओगे कितने मिलेंगे 50 प्रेम मेरे ऑनलाइन हुए कितने मिलेंगे 5,000 फ्री दूसरा तक इंग्लैंड काटने का कि दुकान पर बनवाने की पूरी प्रोसेस क्या है 6 से 7 दिन लेंसकार्ट पर 72 घंटे में तुम्हारे घर भिजवा देंगे तीसरी बात है कॉस्टिंग की के भैया वहां पर जो ब्रांड 15000 इधर वह चीज हमारे आदम 500 रुपए में ले जाओ तो फ्रेंड चीज मिल रही है सस्ते में 34 स्ट्रैट.

जिन्होंने लगाई कि मोनिका चलो ठीक है तो हम से चश्मा बनाओ प्रेम हम फ्री में दे देंगे डिस्काउंट दे रहे फिफ्टी परसेंट से सिक्सटी परसेंट 70% तो आदमी के लालच आ गया कि वहां करेंगे जाएंगे पेट्रोल पानी सामना स्टॉप लगेगा और उसके बाद जाकर मैं तो यह चीज मिलेगी चल एक बटालियन तो करके देखते हैं उन लोगों ने ट्राय करना चालू किया और इनका जो मार्जिन ऑफ एयर है चश्मा बनाने.

में गलती हो जाती है मार्किट में गलतियों का परसेंटेज अब पंद्रह परसेंट लेंसकार्ट का एवरेज चार परसेंट यानि गलतियों और बहुत कम करते हैं तो जब लोगों को इतने बेनिफिट मिलेंगे सस्ता मिलेगा फ्रेम फ्री मिलेगा वैराइटी मिलेगी और टाइम बचेगा तो लोगों ने काले को मृतक टेस्ट करके देखते हैं और इसी प्रकार से पहली बारी ऑडियंस को लेकर है प्रॉब्लम नंबर सेकंड लैक आफ ट्रायल की.

भैया वहां पर तो मैं दुकान पर चश्मा लगा कर देखता हूं कि चश्मा मेरे चेहरे में कैसे लग रहा है और कल को यहां पर मैंने ऑनलाइन चश्मा मंगा ली और मिर्च बुरा लगा तो उसने न भैया वर्चुअल ट्रायल ऑन की सुविधा है अब ऑनलाइन जाओ वर्चुअल टाइम ऑप्शन ऑन करो आपको वह चश्मा आपके चेहरे पर कैसे लगेगा वहीं पर दिखा दिया जाएगा और अगर फिर भी कोई दिक्कत लगे तो भैया चौथा.

दिन के अंदर अंदर इसको आप रिफंड कर सकते हो हम दूसरा बना देंगे अब आपके मन मे सवाल आएगा कि राहुल जी यह इतना बढ़िया ब्रांड कम रेट पर इतनी सुविधाओं के साथ देता कैसा है सर इसकी कॉस्ट बहुत कम आती है रिवीजन पहला रीजन यह है कि यह बल्क पैक करते हैं कोई भी छोटा दुकानदार कितने चर्च में खरीदेगा हजार यह कृते-1 लाख तो इनकी पोस्टिंग कम हो जाती है दूसरी चीज है कि.

जो पुराने बैंडेज बड़े ब्रांड है वह मार्जिन कम आता है अस्सी परसेंट अब्सेंट जो 15 बजे समावेश रहना स्पून केवड़ा ₹300 में तो अगर 30 10 मैचों में इनवेस्ट है तो भी प्याज मंत्र हंड्रेड परसेंट कम आपको टेंशन वाली बात नहीं है तीसरा यह कॉस्ट सेविंग्स करता है कि वह जितने बड़े ब्रांड थे उनको दुकानों पर चश्मा बेचने के लिए वहां पर थर्टी परसेंट कमीशन लेना पड़ता था.

यह तो रेलवे ट्रैक उसको कमीशन देना नहीं पड़ रहा था कॉस्टिंग सस्ती पड़ रही है थोड़ा मार्जिन इतने कम कर लिया तो यह सस्ती रेट में वह चीज़ें देने लग गया जो बड़े ब्रैंड नहीं देता है तीसरा चैलेंज आ स्कैपटिज्म वह क्या है सर जी उस समय लोग चश्मा लगाने वह चश्मा लगा रहा है डबल बैटरी चश्मिश बहुत सारी चीजें है के लोगों को मजाक उड़ाते देखे तो लोग चश्मा पहना.

गलत मांगे लोग कहते थे चश्मा पहनने वाली लड़की थी जिसकी शादी नहीं होगी इस चैलेंज को लेंसकार्ट ने कैसे दूर किया उन्होंने इस तरह का टाइम बिन चलाएं जितनी बड़ी बड़ी सेलिब्रिटी यह हीरो हीरोइन सबको चश्मा बैंक से दिखाएंगे चश्मा पहना दो स्कूल बात है भैया चश्मा पहनने से आदमी बदसूरत नहीं लगता बल्कि चश्मा पहनने से और स्टाइल निकलती है तो चश्मा जो कि मेडिकल.

इक्विपमेंट माना जाता था उसको स्कूल बनाने का काम लेंसकार्ट ने गया चौथा चैलेंज था चेकअप फैसेलिटीज यह क्या है सर एक्चुअली लेंसकार्ट कि यदि आपको मैसेज चश्मा लेना है तो आप पहले उसमें डालोगे आपकी आंखों का नंबर क्या है और नंबर लेने के लिए तो ऑपरेशन के बाद जाता है था अब आप स्टेशन के पास कैसे नंबर क्वेश्चन आता है नंबर चेक कर दो बनवाऊंगा लेंसकार्ट से वह बाहर नहीं.

आने देता था तो जहां नंबर लिया वही की वही चीज बन जाता था तो लेंसकार्ट में कभी ऐसे कैसे चलेगा तो फिर लेंसकार्ट ने अपनी टीम निकलेंगी और उसने काहू के भैया आप तो सिर्फ बुकिंग बोलो हमारा बंदा आएगा आपके घर पर बगासी वहीं बैठकर आपकी आंखों की जांच करके जाएगा और वहीं के वहीं आपको आर्डर बुक करो और वह गिवर है आप चश्मा ले लो तो यह बात तो ही मार्केट में पैठ बनाने.

की और ब्रेड बनाने घी इन सारी चीजों की वजह से लेंसकार्ट मार्केट में सेटल हो गया लौटने लगे इसे खरीदें भी लगे कस्टमर आने भी लग गए ज्यादा कर भैया धन लाभ कमाने का टाइम तो उन्होंने कभी पैसे कैसे कमाए और ज्यादा पैसे कैसे कमाए तो इन्होंने खुद के ब्रैंड लॉन्च कर दिए विंसन चेंज इसका ब्रांड है जो नैक अब इसका ब्रांड है इस घाटी के लोकल सच में तो बेचैन है पर अगर.

कोई लैंड कार्ड के माध्यम से भी ब्रेंड में जाना था है कोई आदमी बोले 300 400 का चश्मा मेरी हैसियत से नीचे मुझे तो यह टॉप चाहिए तो इसने का हम भी देखते हैं तो जिस चीज से बच आपके लिए बना था अभी वापस उस साइड में खुद भी जाने लग गया एक और स्टडी जो इन्होंने अपना उन्होंने कहा कि ठीक है ऑनलाइन तो बेसिर है अब हम भी दुकान खोलेंगे हम भी सिटी में Store में जाएंगे.

क्योंकि उन्होंने कहा कि देखो जब तक यह जो ऑनलाइन देश में ले रहे हैं कौन है वह बड़े शहरों के लोग ले रहे टीयर वन के लोग फिर भी लेता है टू टीयर-3 छोटे गांव ढाणी के लोग अभी भी नहीं पता कि बैलेंस का नाम की कोई चीज है और ऑनलाइन उसके लिए टॉप है और उन्होंने का लेंस काटने के भैया देखो ऐसा है मालव ने खरीद रखा है मशीन हमारे पास ही बंदे हमारे पास है डिलीवर करने वाले हमारे.

पास है कि तो क्यों ना दुकान भी खोल दें तो नॉर्मल ही हम 2 2010 मॉडल जानते हैं एक तो तब रिक्षन मोटा कि दुकान खोलो और भेजो एक होता है ऑनलाइन के भैया ऑनलाइन भेजो एक स्ट्रेटजी होती तो दोनों का कोंबिनेशन होती है इसको कहते हैं एंडलेस हाइल स्ट्रेटजी एंड लैड स्ट्रेस जी का मतलब है कि हम दोनों जगह हैं तो हमारे दुकान पर आकर चश्मा देख भी लो और वहीं बैठे ऑनलाइन.

ऑर्डर कर सकते हो और ऑनलाइन ऑर्डर तेरी दुकान से तुम रिकवरी कर सकते हो तो दोनों चीजें इन्होंने कोंबिनेशन कर दी इसका फायदा क्या हुआ बैलेंस का ग्रैंड पहले सीता अब उसकी एक्सेस भी बढ़ गई ऑनलाइन उसको पढ़े लिखे जो ब्लाक है वह में लेते हैं और जिन लोगों को ऑनलाइन डर लगता है कंफर्टेबल नहीं है वह दुकान से ले लेता है तो दोनों टाइम पर कस्टमर को छोड़ नहीं है.

मेरा भाई जाते-जाते एक चीज और आपको बता देते हैं कि भैया यह स्टोर बनाने के लिए के खुद के स्टोर खोल रहा है सर खुद के स्टोर तो बहुत कम खोल रहा है यह क्या बोलता है एक्जिस्टिंग स्टोर को जो आलरेडी चश्मे की दुकान दिन वह राजीव भैया दूल्हा कैसा अनुसार जैसे जब से आप आए हमारा जनता को नंबर प्लेट काम करो धंधा मंदा मत करो इस दुकान का नाम चेंज करके लंच काट चोर.

बना लो इसको ढंग से बना लो और पच्चीस परसेंट मार्जिन लो दुकानदार को जानती है कि लेंसकार्ट की सेल की जोरदार है मेरे बस की होनी रचल रेड्डी बन जाते हैं तो खुशी-खुशी जो आलरेडी पहले से ही पेट बनाए हुए मार्केट में दुकानदार चाहिए जिनकी दुकानें आलरेडी फेमस थी उसी कॉर्ड लेंसकार्ट बना दिया और अब हम आते हैं वीडियो के सबसे इंपोर्टेंट पार्ट बिजनेस.

लर्निंग यह ऊपर जो छोटा व्यापारी अपने बिजनस में लगा सकता है और उससे पहले अगर आपने वीडियो को लाइक नहीं किया है तो प्लीज लाइक कर दीजिए पसंद है तो शेयर कर दीजिए और चैनल को सब्सक्राइब करना बिल्कुल ना भूलें तो बिजनस लड़ने की नंबर वन जहां भी ग्राहकों को परेशानी आ रही है वह एक बिजनेसमैन के लिए और जाती है तो आप अपने मार्केट में अपनी स्थिति में अपने शहर में.

देखो कौन सी ऐसी चीज है कौन सी जगह है जहां पर एक आम आदमी बिजनस में कुछ भी चीज या सर्विस खरीदने टाइम प्रॉब्लम ट्रेस कर रहा है वहीं आपकी बिजनस अपॉइंटमेंट है और यही सारी स्ट्रैटजी लगभग एशियन पेंट्स ने भी फॉलो किया द्वारा ने भी फलों की है और अगर आप मेरी सैटरडे क्लास जो कि हर सेटरडे सुबह साइन होती है अटेंड करते हैं तो आपको पता होगा कि बहुत सारी के स्टडी में.

रेगुलर इन टॉपिक्स पर कराता रहता हूं तो अगर आप बिजनेस कि लर्निंग और बढ़ाना चाहते हैं तो प्लीज ऑन सैटरडे एट क्लास सुबह सात से नौ सेटिंग पॉइंट जब भी आप किसी मार्केट में एंटर कर रहे हैं किसी प्रॉब्लम का सलूशन लेकर शुरुआती दौर में आपको अपने कस्टमर बहुत तेजी से बनाने बढ़ेंगे उसके लिए आपको जाए डिस्काउंट लेना पड़े कि चाहिए आपको पोषण देने पड़े उस जितने भी.

ऑफर शुरुआत में देने पड़ेंगे अगर पहले दिन साइज काट सोचता कि भैया मैं तो एक चर्च में पर हजारों रुपए कमा लूंगा हुआ था तो लेंसकार्ट मीडियम युद्ध की शुरुआत में फोकस ताकि चाय चश्मे पर ₹100 का घाटा हो जाएं ज्यादा ज्यादा कस्टमर आना चाहिए कस्टमर मुझे जानना चाहिए देखना चाहिए समझना चाहिए तो बिजनेस की शुरुआत का एक ही फॉर्मूला जैन धर्म और एंड मोरल मोरल और.

कस्टमर थर्ड लर्निंग बिजनेस कितना प्यार किया है तो निभाना पड़ेगा और बिजनेस चालू किया है तो चैलेंज भी आएंगे और उन सब को सुधारना भी पड़ेगा अगर बिजनस में दिक्कत आएगी और आपने कदम कैसे उठा लिया तो मेरे दोस्त ऑफ बिजनस के लिए बनाई नहीं हो बिजनेस का मतलब क्या है डिफिकल्टी का रोज सुबह शाम माना और उस खतरे के साथ खेलना जरूर परवीन बंसल ने किया जैसा सभी.

बिजनेसमैन करते हैं स्ट्रगल से लड़ने की आदत डाल लीजिए और लड़ने के लिए जो कि हथियार है वह नॉलेज तो नॉलेज देखते रहिए जैसे आपने आज इस वीडियो के माध्यम से ली और सैटरडे में आकर और सुबह सात से नौकरी रेगुलर क्रिस्टलीय कर सकते हैं हर संडे में 10th 11 क्लास क्लास भी करता हूं जिसमें बिजनेसमैन की सारी प्रॉब्लम कभी डिस्ट्रेक्शन करता हूं तो आप चाहे कोई.

क्लास भी अटेंड कर सकते हैं उसका लिंक नीचे डिस्क्रिप्शन में दिया हुआ है मुझे कमेंट बॉक्स में बताइए आपको एक स्टडी कैसी लगी और कौन सा ऐसा ब्रांड है जिस पर पगली के स्टडी चाहते हैं ओके स्टडी है कि मैं जल्द ही आपके बीच में हाजिर होऊंगा तब तक के लिए धन्यवाद 6

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