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Business Lessons By Maharaja Agrasen | Case Study | Dr Vivek Bindra

Business Lessons By Maharaja Agrasen | Case Study | Dr Vivek Bindra

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30/01/2025

[संगीत] आज अलग प्रकार से वीडियो की शुरुआत करते हैं अग्रसेन समाज अग्रवाल समाज के लोग अद्भुत कार्य करते हैं कैसे सवाल है मेरा 24 पर इनकम टैक्स भारत का अग्रवाल लोग दे रहे कैसे ऐसा क्या किया उन्होंने आज 62 पर 60 पर चंदा दान अग्रवाल समाज के अग्रसन समाज के लोग देते हैं ये कैसे हुआ हमारी जीडीपी का 25 पर एक ही समाज के लोग.

कंट्रीब्यूट कर रहे हैं आज हमारी इंडियन ई-कॉमर्स जो है इंडस्ट्री हर ₹1 में 040 का फंडिंग इन्हीं को जाकर के मिला हर कम्युनिटी के अंदर स्टार्टअप के अंदर इन लोगों ने तूफान मचा दिया कौन है ये लोग बात कर रहा हूं अग्रवाल कम्युनिटी की अग्रवाल समाज की अग्रसेन समाज की इनके जो गुरु इनके संस्थापक बिजनेस के सबसे बड़े गुरु आज पहले बिजनेस कोच के बारे में.

दुनिया के बताऊंगा महाराजा अग्रसेन 5000 साल पहले ऐसे ऐसे ऐसे ऐसे बिजनेस कांसेप्ट दिए ना इस वीडियो में आपको मैं उनके साथ बिजनेस लेस सिखाऊंगा 70 है कम से कम कितना लंबा कर लू वीडियो आज का ये वीडियो हर उस आदमी को देखना चाहिए जिसका बिजनेस में इतना सब भी इंटरेस्ट है क्यों वो अग्रवाल बनिए जिंदल बिंदल गोयल तायल इतने आगे कैसे निकले देखो स्ट्रेटेजी पढ़ना एक बात है.

उसको पढ़ाना एक बात है लेकिन स्ट्रेटेजी के पीछे की स्ट्रेटेजी को समझाना एक बात है जो उन्होंने अपने पूरे समाज को सिखाई और अग्रसेन समाज बनाया नमस्कार विवेक बिंद्रा बोल रहा हूं फाउंडर एंड सीईओ बड़ बिजनेस कॉ सुनो भैया ठंड जबरदस्त पड़ती जा रही है कंबल रजाई से आपकी दोस्ती बढ़ती जा रही है ठंड है लेकिन ठंडा नहीं पड़ेंगे हां आ गया हूं एक और गरमागरम सुपर सॉलिड.

8:00 बजे संडे की केस स्टडी क्योंकि मैं हर सुबह 8:00 बजे संडे को आता हूं और आठ जो होता है ना ऐसे वाला आठ इसको अगर हॉरिजॉन्टल कर दो टेढ़ा कर दो ये कौन सा साइन बना इंफिनिटी का इंफिनिटी समझते हो नेवर एंडिंग इंफिनिटी समझते हो जो कभी खत्म ही ना हो इसी तरह से लर्निंग होनी चाहिए कभी खत्म नहीं होनी चाहिए आज की जो हमारी पर्सनालिटी है जिनके बारे में बता.

रहा हूं भारत सीखेगा इनसे आज हमारा देश सीखेगा इनसे दुनिया के हर बिजनेसमैन के पहले गुरु रह चुके हैं मेरी केस स्टडी लगातार आ रही है नॉर्थ कोरिया इजराइल हरियाणा की कम्युनिटी बताई सैम बहादुर के बारे में बताया चाल शोभराज को चाइना से कंपेयर किया विराट कोहली के आपने इतना प्यार दिया अभी गुरुपूरब निकला गुरु नानक देव जी पे लेकिन आज महाराजा अग्रसेन प बात.

करूंगा इसका अगला पृथ्वीराज चौहान प बताऊंगा फिर सिंधी कम्युनिटी के बारे में बताऊंगा 25 दिसंबर जीसस क्राइस्ट भी आ रहे हैं नए साल के रेजोल्यूशन पर बात करूंगा नारायण मूर्ति से लेकर सिख कम्युनिटी से लेकर के कितना कुछ हर संडे 8 बजे मिलेंगे अब मैं आपको बताता हूं महाराजा अग्रत सन के बारे में बिजनेस मॉडल जो हमारे सिलेबस में होता है ना ये इनके खून में था डीएनए.

में था क्यों अग्रवाल ऐसे बने हैं ये 25 पर जीडीपी कंट्रीब्यूट एक समाज कैसे कर सकता है इसके पीछे थे वो स्ट्रेटेजिक थिंकर दुनिया के पहले बिजनेस कोच एमबीए की फुल फॉर्म होनी चाहिए महाराजा बिजनेस अग्रसेन एमबीए भगवान राम के वंशज थे भगवान कृष्ण के समकालीन 5200 साल पहले आए थे महाराजा अग्रसेन वैश्य समाज के जनक द्वापर युग जब खत्म हो रहा था कलयुग.

जब शुरू हुआ था तब इनका जन्म हुआ था और यह महाभारत का युद्ध भी भगवान कृष्ण अर्जुन पांडवों की तरफ से लड़े थे दव दिन इनके पिता का देहांत हो गया था उसके के बाद भगवान कृष्ण ने इनको राजा बना दिया था अपने शासन का महाराजा अग्रसेन मैं एक दो मिनट को पहले आपको इंट्रोडक्शन देता हूं महाराजा अग्रसन कौन थे उनका विवाह कैसे हुआ और उसके बाद बताऊंगा कि अपने समाज में.

इन्होंने बिजनेस एस्टेब्लिश कैसे किए मन है आपको सुनने का छोड़ नहीं पाओगे वीडियो को पहले एक दो मिनट हिस्से में ले लेते हैं ये सूर्यवंशी क्षत्रियों से में से थे बचपन से बड़े नम्र विनम्र बड़े प्रजा पालक व्यक्ति बचपन से वेद शास्त्र अस्त्र शस्त्र न्याय शास्त्र धर्मशास्त्र राजनीति अर्थ सबका ज्ञान प्राप्त कर लिया था नागराज समुदाय के राजा एक हुआ करते थे.

कुमुद उनकी बेटी माधवी का इनसे विवाह हुआ था हां क्योंकि ये नाग वंश से थे तो तो नागों को मामा माना जाता है इनके यहां पे क्योंकि माधवी माता माधवी वहीं से आई थी अब मां माधवी का विवाह कैसे हुआ स्वयंवर हो रहा था उस समय और राजा कुमुद ने स्वयंवर किया माधवी इतनी सुंदर अब माता माधवी के स्वयंवर में बहुत लोग पहुंचे इंद्रदेव स्वयं पहुंच गए लेकिन माता माधवी.

ने महाराजा अग्रसेन को पसंद कर लिया इंद्र हो गए नाराज इंद्र कहते हैं मेरे को करना था विवाह और उनका झगड़ा बढ़ गया इंद्र का उन्होंने फ्लड लाइन पाइपलाइन पानी की बारिश वारिश इनके गांव में बंद कर दी झगड़ा भगड़ खूब चालू हुआ झगड़ा लड़ाई लंबी हुई बहुत नुकसान हुआ नारद मुनि बीच में आए सेटलमेंट कराया तो पहले कांटेक्ट समझ लेते हैं ना महाराजा अग्रसन थे कौन हिसार में.

अग्रोहा कुंज में इन्होंने शुरुआत करी थी कैसे करी वो समझ लेते हैं जब यह बहुत परेशान हो गए नारद मुनि ने आकर के सेटलमेंट कराया उसके बाद इन्होंने सोचा कि अब आगे क्या करूं तो माता लक्ष्मी जो उनकी कुलदेवी है उनकी इन्होंने आराधना करी माता लक्ष्मी प्रसन्न हुई इनके पास आई बोली जाओ एक नए राज्य की स्थापना करो और क्षत्रीय धर्म को छोड़ दो तुम क्षत्रिय धर्म के लिए.

नहीं बने तुम वैश्य धर्म को अपनाओ वैश्य धर्म कौन सा है अग्रसेन समाज जो है ये व्यापार करो व्यापार सिखाओ मां लक्ष्मी की इन पर कृपा हो गई महाराजा अग्रसन सोचे अब कहां जाऊं कैसे कहां राज्य की स्थापना करूं तो माता माधवी के साथ जगह ढूंढने के लिए निकल पड़े हरियाणा जो आज का है वहां बीच में एक ऐसी जगह आई जहां बाघ और हिरण इकट्ठे थे जहां बाघ का बच्चा भी बहुत.

शक्तिशाली था लेकिन हिरण के साथ प्रेम भी करता था छोटे से बाग के बच्चे ने इनके हाथी पर अटैक किया ये बड़े हैरान हुए ये छोटा सा बाग का बच्चा इतने बड़े हाथी को कुछ कर तो सकता नहीं हां क्या कर लेगा लेकिन उसमें करेज बहुत है और इस जगह में प्रेम भी बहुत है कि हिरण और शेर साथ में रह रहे हैं तो इनको ऐसी प्रेरणा हुई कि अपने ऋषि मुनि से उन्होंने चर्चा करी बोले.

ये कुछ शुभ संकेत है जहां शेर और हिरण में रिश्ता भी है और इतनी वीरता शोरे भी है उस जगह इन्होंने सोचा कि मैं स्थापना करता हूं अपने राज्य की और उसका नाम रखा अपने नाम के आगे अग्रोहा अग्रोहा कुंज जिसको आज बोला जाता है यह चार धाम के अलावा अग्रसेन समाज के लोगों के लिए पांचवा धाम है तो यह तो हो गया हिसार डिस्ट्रिक्ट में आज ये पड़ता है ये तो हो गया इनका बैकग्राउंड ये.

इन्हीं के वंश ज जो आगे निकले वेदांता ग्रुप के अनिल अग्रवाल सुनील भारती मित्तल लक्ष्मी मित्तल सुभाष चंद्र गोयल सावित्री जिंद ल ये सब बड़े-बड़े भविष अग्रवाल पियूष बंसल जितने बड़े बिजनेसमैन है सब यहीं से निकले ये थे महाराजा अगर सिंह जिन्होंने अपने टाइम पे सिचुएशनल लीडरशिप होशी कैनरी फर्स्ट मूवर एडवांटेज इन्वेंटरी मैनेजमेंट स्किल बल मैट्रिक्स.

इकॉनमी ऑफ स्कोप सक्सेशन प्लानिंग बहुत कुछ सिखाया मतलब आज अगर महाराजा अग्रसेन को समझो ना उसके बाद एमबीए करने की जरूरत नहीं है आज इनकी सात स्टोरीज आपको सुनाने वाला हूं मैं सात बिजनेस लेसंस एक पूरी सात का वेट करना ऐसी लर्निंग्स मिलने वाली है शार्क टैंक वगैरह आपने देखा है इन्वेस्टर फंडिंग करते हैं लेकिन इसके अलावा एक और तरीका होता है क्राउड फंडिंग.

ये पहले व्यक्ति थे ओरिजनली कांसेप्चुअल इज किया था इन्होने क्राउड फंडिंग इन्होंने सोचा कि अगर मुझे नया राज्य स्थापित करना है तो बहुत मुश्किल होगा नया राज्य स्थापित करना क्योंकि कितने लोगों को पैसा दूंगा क्या-क्या करूंगा तो क्यों नहीं ऐसा हो जाए कि इको सिस्टम बना दूं जहां पर जीव जीवस से जीवनम एक जीव का जीवन दूसरे जीव के जीवन पर निर्भर होने लग जाए.

तो यह पहले व्यक्ति थे जिन्होंने कांसेप्ट बनाया कि हमारे को अगर राज्य में नए लोगों को लेके आना है तो हर घर से उसको एक ईंट मिल जाए जितने भी घर रह रहे हैं नए आदमी को हर घर से एक-एक ईंट जाए हर घर से एक-एक रुपया जाए तो मेरे पे बोझ भी नहीं पड़ेगा जो घर एक ईंट दे रहा है ₹ रुप दे रहा है उसपे बोझ नहीं पड़ेगा और जिसको मिल रहा है उसको सैकड़ों ईटें मिल जाएंगी वो मकान बना.

लेगा और सैकड़ों रुपया मिल जाएगा व्यापार शुरू कर देगा इस तरह इन्होंने कहा कि मेरे को नौकरी करने वाले लोग नहीं चाहिए मुझे ₹ रप एक ईंट की क्राउड फंडिंग से शुरू करना है और ईंट से ईंट जुड़ती गई अग्रोहा की प्रोस्पेरिटी की बिल्डिंग अपने आप बनती चली गई इस फिलॉसफी से ये फिलॉसफी पता है आज क्राउड फंडिंग के रूप में देखी गई है अब पॉपुलर हो रही है तो ये ईंट से ईंट.

जोड़ करके इन्होंने अग्रोहा कुंज की स्थापना करी अग्रवाल कम्युनिटी की लेकिन अग्रवाल कम्युनिटी की क्रिएशन कैसे हुई ये हुई इनकी दूसरा लेसन है सक्सेशन प्लानिंग प बड़ा फोकस किया इन्होंने अब ना कलयुग शुरू हुआ था और उन्होंने कलयुग के लक्षण देखे कलयुग के लक्षण में क्या देखा कि एक बड़ा मतलब राजा था वहां पे इनके बाजू के राज्य में उसका एक भाई चला गया घूमने.

के लिए थोड़ी छुटियो पर अपनी भाभी के साथ में जब वो वापस लौट कर के आया तो भाई ने उसको बोला कि भाई पूरा राज्य मैंने रख लिया तुझे कुछ नहीं मिलेगा तो ये कलयुग के लक्षण देखने लगे लोगों ने ना राज्य हड़पने शुरू कर दिए लड़ाइयां शुरू कर दी इस प्रकार की कलयुग के लक्षण इतने बढ़ने लग गए कि भाई भाई को कुछ देता नहीं था महाभारत भी खत्म हुई थी वही वाले.

लक्षण आने लगे तो लगा कि अगर यह सिस्टम नहीं बनाया गया सक्सेशन प्लानिंग नहीं बनाई गई इन्होंने देखा कि वह जो भाई है वह दूसरे भाई को बोल रहा है तू मेरे यहां नौकरी कर ले लेकिन तुझे एक तिनका जमीन नहीं दूंगा तो महाभारत होते होते यह लक्षण देखते देखते उन्होंने कहा कि एक विजनरी बिजनेसमैन की तरह एबल स सर को रेडी करना पड़ेगा बिजनेस लंबे समय तक अगला सक्सेसर.

रेडी रख सकता है क्योंकि बिजनेस मतलब ऑन गोइंग कंसर्न वो चलते रहना चाहिए तो पहला इंपैक्टफुल एग्जांपल इन्होंने उत्तराधिकार नीति से बनाई जिसको बोलते हैं सक्सेशन प्लानिंग महाराजा ग्रस जानते थे कोई भी आदमी जिंदा रहेगा नहीं लंबे समय तक आगे चल के क्राइसिस ना आ जाए उससे पहले ही मैं सक्सेशन के मॉडल को बिल्ड करूं तो इन्होंने कॉम्पटन के हिसाब से अपने 18.

बच्चों को 18 गोत्रों में डिवाइड कर दिया और 18 राज्य उनकी उनकी कैपेबिलिटी के हिसाब से दे दी और 18 राज्य उनको डिवाइड किया तो ये अग्रसेन के जो बच्चे हैं इसको बोलते हैं अग्रोहा शहर के जो लोग हैं जैसे बंसल कुछल कंसल बिंदल सिंगल जिंदल मित्तल गर्ग नंगल मंगल तायल तिंगल मधुकुंज को मैनेज करें फिर टीम को मैनेज करें फिर मैनेजर्स को मैनेज करें फिर.

फंक्शनल हेड्स को मैनेज करें फिर उसके बाद बिजनेस हेड्स को मैनेज करें फिर सीईओ को मैनेज करें फिर चेयरमैन बन जाए तो ये एक पूरा से सेशन प्लानिंग का मॉडल इन्होंने अपनी 18 संतानों को बड़े स्ट्रक्चर के हिसाब से सिखाया आज वही हम देखते हैं कि जब स्टीव जॉब्स को लगा कि मेरे जाने का समय आए उससे पहले ही मैं अपना सक्सेसर ढूंढूं तो हैंड पिक करके उन्होंने टम कुक.

को ढूंढा 2011 में और आज भी देख लो एल कहां का कहां पहुंच चुका है टाटा ग्रुप में जेआरडी टाटा ने रतन टाटा को चुना रतन टाटा ने चंद्रशेखरन को चुना आदित्य बिडला ग्रुप में भी शिवनारायण बिडला के बाद घनश्याम दास बिडला के बाद आदित्य बिडला के बाद कुमार मंगलम बिडला इसको बोलते हैं सक्सेशन प्लानिंग कि आप कैपेबिलिटी के अनुसार तो इनकी जो 18 संतानें थी वो बनी.

18 गोत्र और वहां से 18 अलग-अलग उन्होंने फिजिकल कैपेबिलिटी आर्म्स एम्युनिशन मैन पावर लीडरशिप फंड्स उसके हिसाब से उन्होंने प्रॉपर डिवीजन करके दिया आज भी सक्सेशन प्लानिंग केवल 15 पर इंडियन फैमिलीज प्रॉपर्ली कर पाती है और महाराजा अग्रसेन की सक्सेशन की स्ट्रेटेजी थी कि बिजनेस नहीं रुकना चाहिए आगे लगातार इसी तरह बढ़ता रहेगा ये वीडियो गेम चेंजर होने.

वाला है आईवी लीग में टॉप बिजनेस मॉडल जो सिखाए जाते हैं वो 5000 साल पहले महाराजा आगर से ने सिखाए ये क्रैश कोर्स केवल आधे घंटे में हाई क्वालिटी एनिमेशन के साथ दे रहा हूं आज अगर हायरिंग करते हो आपको दिक्कत आती है तो महाराजा अग्रेस ने समझाया मैनपावर कैसे सिलेक्ट करनी है जब आप ठेले से सब्जी भी खरीदते हो ना तो भी उलट पुलट के ढंग से.

देख के सिलेक्ट करके सब्जी लेते हो कभी भी इन्वेस्ट करने से पहले आप इन्वेस्टिगेट करते हो तो कहानी ऐसी है कि महाराजा अग्रसेन का राज्य बहुत अच्छा चल रहा था और अड़ोस पड़ोसी इनसे परेशान हो गए ये अभी चालू किया और इतना तेज ग्रो कर गए इनका कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट देखो हर साल हर साल हर साल महाराजा अगर सेन की टीम आगे बढ़ रही है तो एक पड़ोसी राज्य का राजा था.

ना वोह उसने षड्यंत्र करके इनके राज्य में घरों के अंदर आग लगवा दी बहुत नुकसान हुआ महाराजा अग्रसेन के इलाके में बहुत लोग मारे गए बहुत लोग को नुकसान हुआ तो चाइना की तरह जैसे चाइना करता है ना वैसे ही किया इन्होंने भी पड़ोसी राज्य ने क्या किया कि पहले तो जी तंग कर दो परेशान कर दो आग लगा दो फिर आ जाओ जी हम तो सांत्वना देने आए हैं कोई दिक्कत हो तो बताओ हम मदद.

कर दे हम अपने कारीगर भेज देते हैं यहां पर कोई काम कराने में र रुक राहा आपको दिक्कत आ रही हो तो जिसने आग लगाई वह खुद ही आ गया उसकी मंछे थी कि मैं अपने कुछ बुद्धिमान लोगों को भेज के इनकी स्ट्रेटेजी समझू महाराजा तेज ग्रो कैसे किए अब महाराजा अग्रसन को उसका प्रस्ताव में कुछ दाल में काला लग रहा था मालूम तो था नहीं कि इसी ने कराया है लेकिन फिर भी.

नुकसान हो चुका था व्यापारियों को हर दिन लॉस हो रहा था बेमन से उन्होने इसका प्रस्ताव स्वीकार कर लिया पड़ोसी राज्य के कारीगर आए वो कारीगर एक्चुअली थे ही नहीं वो तो स्ट्रेटेजी सीखने आए तो यहां कोई काम ही ना करे थोड़े दिन में महाराजा समझ गए कि भाई ये कुछ काम वाम करने के मूड में नहीं है लफड़ा कुछ और ही है तो उन्होंने क्या किया महाराजा ने कहा इन सबको तो भगा.

दो यहां से अपनी नई टीम बनाओ और चार चीजें देखो पहली चीज कि कुछ ऐसे लोग मिलेंगे जिनके अंदर काम करने की इच्छा भी है और क्षमता भी है इन लोगों से तुरंत काम कराओ दूसरी चीज कुछ ऐसे लोग मिलेंगे जिनके अंदर काम करने की इच्छा है लेकिन क्षमता नहीं है इनको अपन डेवलप कर देंगे है ना सिखा देंगे इनको तीसरी चीज कुछ ऐसे होंगे जिनमें क्षमता है.

पर इच्छा नहीं है इनको इनकरेज करेंगे हम और कुछ ऐसे हैं जिनके पास ना इच्छा है ना क्षमता है इनको हटा दो यहां से इनसे काम नहीं करंगे इसको बोलते हैं स्किल विल मैट्रिक्स स्किल का मतलब है कार्य कुशलता विल मतलब इच्छा शक्ति हां काम करना आता है और काम करना भाता है जब इन दोनों का कॉमिनेशन बन जाता है महाराजा अग्रसेन बोले बहुत बहुत बहुत पैसा आता है और सरप्राइज.

यह हुआ कि ऐसा एक भी आदमी नहीं मिला जिसके अंदर ना इच्छा है ना क्षमता है क्योंकि लोग खुद ही काम करने आना चाहते थे तो उनका कमिटमेंट लेवल भी था और वो इतने कमिटेड थे सभी लोगों को उनके कार्य क्षमता और इच्छा के हिसाब से उनको कार्य दिया इसको बोलते हैं स्किल विल मैट्रिक्स अब फायदा यह हुआ कि पैसा अपने राज्य से बाहर भी नहीं जा रहा था अपने ही राज्य के लोग डेवलप हो रहे.

थे अपने ही अंदर अपने ही एंप्लॉयज अपने ही खुद के लोग काम कर रहे थे और वो अपना ही राज्य बढ़ने लगा जिसको मेक इन इंडिया बोलते हैं आज हमारे भारत के अंदर कि भाई हमारे देश के अंदर ही मैन्युफैक्चरिंग होती रहे मेड इन इंडिया मेक इन इंडिया और जिससे प्रोग्रेस और ज्यादा होने लगी इसके बाद इन्होंने देखा कि कुछ लोग ज्यादा प्रॉस्पर कर रहे हैं और उनको कैपिटल की.

जरूरत है तो उन्होंने टैक्सेस जनरेट करके कैपिटल इन्वेस्ट करना शुरू किया जैसे से स्टार्टअप्स में कई देश इन्वेस्ट करते हैं हम स्टार्टअप स्कीम जैसे इजराइल की है अगर आप में दम है तो देश ही आपको पैसा दे देगा गवर्नमेंट आपको पैसा दे देगी तो इनकी गवर्नमेंट थी इन्होंने कई बिजनेसेस में पैसा देना शुरू कर दिया तो इन्होंने मॉडल क्या बिल्ड किया आ ये देखना है कि किसको.

मुझे मैनेज करना है किसको मुझे कोच करना है किसको मुझे डेलीगेट करना है किसको सपोर्ट करना है किसको मेंटर करना है किसको डायरेक्ट करना है तो मैनपावर को उसी के हिसाब से इन्होंने एंगेज किया और उनको बोला कि अपने प्रॉफिट्स को वापस रिइन्वेस्ट करना शुरू करो उस तभी प्रॉफिट आएगा और आपने क्या प्राइसिंग रखनी क्या लिसनिंग रखनी है सारे स्टार्टअप य डिकोड.

नहीं कर पाते जो आज डिकोड नहीं कर पाते जो उस टाइम पर इन्होने सिखाया महाराजा अग्रसेन एक अद्भुत बिजनेस कोच थे कोई भी आदमी आता था उसको बिजनेस के थ्रू उसकी प्रॉब्लम सॉल्व कर दिया करते थे कोई समस्या इनके पास लेकर के आओ उन्होंने फाइनेंशियल प्लानिंग एनालिसिस कॉस्टिंग प्राइसिंग सिखाया मैं बताता हूं हुआ क्या जब व भीषण आग लगी थी तो बहुत सारे घर जल.

गए थे कई लोग भी मारे गए इसमें कई औरत आदमी मारे गए तो इसका असर यह आया उस असर को समझाने से पहले मैं कहानी समझाता हूं आपको हुआ ये कि कुछ लेबर जो थी उनको जब दिन में फैक्ट्री में खाना दिया जाता था तो जो चार रोटी खाता था वो 12 रोटी खाने लग गया लोग हैरान ये चार रोटी खा रहा है 12 खा रहा है तो जाके महाराजा आग सेन को शिकायत लगाई.

महाराजा अगर सेन बोले यार खाने पे तुम क्यों सवाल जवाब कर रहे हो खारा खाने दो बो दिक्कत यह है कि 12 रोटी खाने के बाद वो सो जाता है काम नहीं करता तो महाराजा अग्रसेन गए बोले चेक करो ऐसा क्यों हो रहा है भाई फिर ये तो बात गलत है तो उनके मंत्रियों ने भी कहा चेक करना चाहिए तो जब उन्होंने बात करना जरूरी समझा लोगों से गए बात किया उन्होंने कुछ ऐसी लेबर को बुलाया.

तो पता चला कि मजदूरों से मालूम चला कि जो लोग ज्यादा खाना खा रहे हैं ये वो लोग हैं जिनकी बीवियां मर गई है उनको रात को खाने को नहीं मिलता सुबह नाश्ता नहीं मिलता उनको दिन में जब अपनी फैक्ट्री में खाना मिलता है तो सारा का सारा एक साथ खा जाते हैं तीन बारी का खाना क्योंकि घर में बीवी है नहीं कौन मनाएगी तो महाराजा अग को समझ में आया कि यार ये तो बड़ी प्रॉब्लम हो गई.

इनकी बीवियां नहीं है तो उन्होंने कहा कि अगर बीवियां मरी है तो कईयों के पति भी मरे होंगे तो देखा पता किया कुछ ऐसी बी मिली जिनके अब दो तीन बीवियां मिली जिनके पति नहीं रहे अब तो उनको बुलाया उन्होने लेडीज को समझाया बोला तुम्हे बिजनेस वमन बनाना चाहता हूं बोले क्या करेंगे बोले तुम क्लाउड किचन चालू करो अब जिनकी बीवियां मर गई है तुम उनके लिए खाना बनाओ.

रात को उनके लिए खाने की डिलीवरी करो टिफिन सर्विस तैयार करो क्लाउड किचन तैयार करो अब क्लाउड किचन और टिफिन सर्विस की बात महिला को अच्छी लगी पूरे उत्साह से अगले दिन महिला काम पर लग गई उसने खाना बनाना शुरू किया और एक एक महिला ने 1010 ऐसे आदमियों को खाना खिलाना शुरू किया अब वो तीनों महिलाएं एक महीने के बाद रोती हुई महाराजा अग्रसन के पास पहुंच गई और.

रोने लगी बोले कि भाई मैं तो बड़ी परेशान ह बोले क्या परेशानी है बोले हर आदमी से हम खाना खिलाने के दो सिक्के महीने के लेते थे 10 लोग खाना खाते हैं 10 लोग इनटू दो सिक्के मतलब मुझको 20 सिक्के मिलते थे और खर्चा मेरा 23 सिक्के का हो जाता है बहुत नुकसान हो जाता है तब महाराजा अग्र से ने पूछा 2 सिक्के का खर्चा क्यों हो रहा है सब्जी कितने की लग रही है एक थाली.

में आटा कितने का लग रहा है एक थाली में दाल कितने की लग रही चावल कितने की लग रही कोयला कितने का लग रहा है पानी कितने का लग रहा है मेहनत कितने का लग रहा है प्रॉफिट कितने का जोड़ा तो लेडी को समझ में आया कि भाई मैंने तो कॉस्ट ऑफ गुड सोल्ड जिसको बोलते हैं कॉग्स जिसको बोलते हैं कॉस्ट बिहाइंड द कॉस्ट वो निकाला ही नहीं और कॉस्ट को अपूर्ण करना नहीं सीखा.

कि थाली पे एक कॉस्ट को कैसे जोड़ा जाए एक थाली मुझे कितने की पड़ेगी वो हिसाब महाराजा अग्रस ने लगा के समझाया तो महाराजा अग्रस ने समझाया कि 10 लोगों का एक महीने का जो खाना है तुम्हारी उसकी कॉस्ट आ रही है 25 सिक्के यानी कि एक आदमी में तुम्हारा दो सिक्का नहीं ढाई सिक्के की कॉस्ट आती है वह कॉस्ट पोर्शन मेंट सिखाई और उसके बाद महाराजा अग्रसन ने.

बताया कि अब एक काम करो तुम हर एक से ढाई सिक्के लगते हैं तुम तीन सिक्के मांगने शुरू कर दो तो लड़की घबरा गई लेडी बोली महाराज अगर मैं दो की जगह तीन सिक्के मांगूंगी मेरे ढाई लग रहे हैं लेकिन तीन मांगूंगी तो लोग मुझे छोड़ के चले जाएंगे महाराजा अग्रेस ने कहा कि छोड़ के जाएंगे क्यों नहीं वो अलग समझाता हूं पर पहले तुम ये प्राइसिंग सीखो ये अलग-अलग प्रकार की.

प्राइसिंग होती है लॉस लीडिंग प्रेडेटरी कॉस्ट प्लस पेनिट्रेशन महाराजा अग से ने उसको कॉस्ट प्लस प्राइसिंग सिखाई कि तुम्हारी ये कॉस्ट ऐसे निकालनी है और प्लस अपना प्रॉफिट ये जोड़ कर के तीन सिक्के मांगने हैं तो लेडी ने बोला अगर लोगों ने आने को मना कर दिया तो अग्रस ने कहा नहीं अब लोगों को तुम्हारे हाथ के अच्छे खाने की आदत पड़ गई है और उनके पास और कोई.

ऑप्शन नहीं है इतनी औरतें नहीं है इसको बोलते हैं एग्जिट बैरियर वो तुमको छोड़ के नहीं जाएंगे और क्योंकि ये तुम्हारी सबसे बड़ी ताकत है क्योंकि तुम ही बना रही हो यहां पे अब वो लेडी बोली ऐसा ना हो जाए और औरतें बनाना शुरू कर दे तो तो मुझे सम समस्या आ जाएगी तो महाराज अगर बो और नहीं आएंगे इसको बोलते हैं एंट्री बैरियर क्योंकि जो बाकी की औरतें हैं उनके पति.

हैं वो अपने पति को छोड़ कर के 10 आदमियों को खाना नहीं बना पाएंगी वो अपने बच्चों को छोड़ के 10 आदमियों को खाना नहीं बना पाएंगे तुम खाली बैठी हो तुम 10 का खाना ज्यादा एफिशिएंटली कॉस्ट इफेक्टिव तरीके से बना सकती हो तो नया कंपटीशन नहीं आएगा इसको बोलते हैं एंट्री बैरियर बड़े प्यार से उन्होंने एग्जिट बैरियर और एंट्री बैरियर दोनों सिखा दिए जैसे ही एग्जिट.

बैरियर एंट्री बैरियर सीखी वो महाराजा अगर से ने बताया कि नया एंटरेंट आएगा नहीं तुम्हारी बारगेनिंग पावर मजबूत है क्योंकि यहां पे कोई और सब्सीट्यूट नहीं है और यहां पर कोई और सप्लायर नहीं है जब यह चार चीजें नहीं है तो तुम प्राइस बढ़ा सकते हो और वो लेडी ने प्राइस बढ़ाया उसको समझ में आया महाराजा अग्रसन ने कहा एक और चीज समझाता हूं हमेशा हर एक के लिए अलग-अलग.

खाना मत बनाना मास्क कस्टमाइजेशन करना क्या कस्टमर चाहता है वो डिसाइड करो अपनी ऑपरेशनल कैपेबिलिटी देखो और कॉस्ट इवॉल्वड चेक करो उससे तुम्हारी कॉस्ट कंट्रोल में रहेगी वो लेडी ने बहुत फ्लोरिश किया एक्सपेंशन टेक्निक्स बताई मैनेज करना बताया कि मल्टीप्लाई कैसे करें उन्होंने शुरू में तो मोनोपोलिस्टिक फॉर्मूला रखे थे कि एक आदमी एक ही प्रकार का बिजनेस.

करेगा ताकि मेरा राज्य एस्टेब्लिश हो जाए और जब राज्य जैसे-जैसे बढ़ने लगा तब उन्होंने कहा कि अब अलग-अलग प्रकार की चीजें भी आप अपने साथ में अपनी दुकान में रख सकते हो एकाधिकार की नीति को उन्होंने मोनोपोली को खत्म किया और व्यापारियों को अनुमति दे दी कि वह एक या एक से ज्यादा चीजों की बिक्री करें क्योंकि अब पूरा राज्य एस्टेब्लिश हो चुका था जिसको बोलते.

हैं डिपार्टमेंटल स्टोर तो उन्हीं दिनों एक व्यापारी था वो छोटी सी उसकी दुकान थी जैसे ही मोनोपोली का मॉडल खत्म हुआ उन्होंने बाजू के की दुकान इधर की दुकान लेकर अपनी दुकान को बड़ा कर लिया और किराने के साथ में दूध दही बर्तन कपड़े सब कुछ बेचना शुरू कर दिया बहुत तेज बिजनेस उसका ग्रो कर गया उसने कहा इतना पैसा कमा लिया पत्नी के साथ कहीं वेकेशन पर जाता.

हूं कहीं घूमने जाता हूं पर जैसे ही वापस आया वापस आकर के देखा कि दुकान में बर्तनों को छोड़ कर के सारा सामान चूहे खा चुके थे नुकसान देख के परेशान हो गया व महाराजा आगर सेन के पास पहुंचे महाराजा अगर सेन हर चीज का बिजनेस से सलूशन दिया करते थे महाराजा अग्रसन ने उसको अलग-अलग तरीके के मॉडल समझाए महाराजा अगस ने दुनिया का पहला डी मार्ट और दुनिया का.

पहला वल मार् दुनिया का पहला बिग बाजार बनाना उसको सिखाया उनको बताया वाइड डीप स्क्रम असोर्ट मेंटस क्या होते हैं उन्होने सबसे पहली चीज उनको बताया कि चूहे क्यों आए वहां मालूम चूहे इसलिए आए क्योंकि वहां खाने की चीजें पड़ी थी बहुत सारी दूध दही पनीर शक्कर आटा होगा तो चूहे आएंगे तो उन्होंने समझाया लिफो फीफो समझो कि कपड़े बर्तन सजावट का सामान श्रृंगार.

का सामान वो पहले लाकर के रखो और बाद तक बेचो लेकिन जो दूध दही पनीर शक्कर आटा है वो हमेशा क्या करो आखिरी में लेके आओ लास्ट इन फर्स्ट आउट वो बाद सबसे आखरी में लेके आओ क्योंकि उसकी एक्सपायरी होती है और फर्स्ट आउट उसको सबसे पहले बाहर निकालो जो जापान में लिफो फीफो समझाया जाता है महाराजा अग्रस ने 5200 साल पहले समझा दिया था स्टॉक मैनेजमेंट रैक मैनेजमेंट.

एक्सपायरी मैनेजमेंट लिफो फीफो उन्होंने बताया कि सामान को तीन हिस्सों में बांटो जो ज्यादा बिकता है उसको ज्यादा रखो जो कभी-कभी बिकता है उसको कम लेकर के आओ और जो नहीं बिकता है उसको लाना बंद कर दो हां इसको क्या बोलते हैं फास्ट मूविंग स्लो मूविंग नॉन मूविंग इससे तुम्हारी इन्वेंटरी मैनेज्ड रहेगी और तुम्हारी इन्वेंटरी टाइम से निकल जाएगी और ज्यादा.

बिकने वाले सामान पर तुम्हारा ज्यादा तो इसको बोलते हैं उन्होंने सिखाया प्रोसेस ऑटोमेशन प्रोसेस इंप्रूवमेंट प्रोसेस इंटीग्रेशन प्रोसेस ऑर्केस्ट्रेशन यह बात मानकर व्यापारी ने काफी सफलता हासिल करी और उसने दो साल के अंदर अपने व्यापार को अलग-अलग जगह फैलाना शुरू कर दिया क्या बेचना है क्या बचाना है बेचने बचाने का ये विज्ञान महाराजा अग्रस ने बहुत पहले समझा.

दिया था ये फास्ट मूविंग स्लो मूविंग नॉन मूविंग ये सब बहुत पहले 8020 प्रिंसिपल उन्होंने उस समय समझाए थे कि वाइड असोर्ट मेंट क्या होता है तो उन्होंने अलग-अलग प्रकार की दुकानें बनवानी शुरू करी उन्होंने बताया फिर अगले दुकानदारों को बुलाया बोले तुम इधर आओ तुम वाइड असोर्ट मेंट रखो उसने बोला वाइड असोर्ट मेंट क्या होता है बोले मैक्सिमम प्रोडक्ट कैटेगरी.

लेकिन वैरायटी मिनिमम रखो जैसे होता है ना कि आपके पास में प्रोडक्ट कैटेगरी बहुत सारी है लेकिन प्रोडक्ट कैटेगरी की अलग-अलग वैरायटी बहुत सारी नहीं है ऐसे होता है डीप असोर्ट मेंट डीप असोर्ट मेंट उन्होने क्या समझाया अब प्रोडक्ट की वैरायटी बहुत ज्यादा रखो लेकिन कैटेगरी बहुत कम रखो जैसे समझो कि मान लो कोई जूते की एथलेटिक जूते की दुकान है उदाहरण लेता.

हूं आपको आज के समय का हां तो वो उसके पास बहुत सारे तरह के जूते हैं लेकिन कैटेगरी खाली क्या है स्पोर्ट्स वाले जूतों की है यह नहीं है कि मतलब फॉर्मल जूते भी हैं और बाकी चीजें भी हैं तो यह एथलेटिक शू स्टोर हो गया इसको बोला डीप असोर्ट मेंट एक हो गया स्क्रैंबल असोर्ट मेंट तो कुछ को उन्होंने बिग बाजार डी मार् लमार्ट बनाया मैक्सिमम कैटेगरी मैक्सिमम वरायटी हां.

जितने ज्यादा से ज्यादा कस्टमर तुम ले सकते हो जिसके पास ज्यादा कैपिटल था उससे वो काम कराया तो वन स्टॉप शॉपिंग बन जाए तुम्हारी दुकान जहां प जैसे सुपरमार्केट होता है ना वहां सब कुछ मिल जाएगा आपको एक ही जगह पे तो वो स्टॉक मैनेजमेंट एक्सपायरी मैनेजमेंट रैक मैनेजमेंट ऐसी छोटी-छोटी प्रॉब्लम को महाराजा अग्रसन इजी सलूशन के साथ दिया करते थे जो आज के समय.

में बिजनेस स्कूल में मैनेजमेंट स्ट्रेटेजी के साथ बिजनेस लेस में सिखाए जाता है पीवॉट कैसे किया जाए बिजनेस में चेंज कैसे लेके जाए लाइफ में हम जितनी प्लानिंग करते हैं लाइफ उतना सरप्राइज देता रहेगा आपको तरक्की के लिए कभी-कभी तरीके बदलने पड़ते हैं तो तरीके बदलने का मतलब है इंप्रूवमेंट साइकिल इंप्रूवमेंट साइकिल का मतलब है पीवॉट एग्जांपल ये है.

कि जब अपने 18 गोत्र 18 संतान 18 राज्य एक तरह से जब बनाने जा रहे थे तो उस समय 18वें के बाद में इनको एक घोड़े की बलि देनी थी और यज्ञ में जो घोड़े की बलि देनी थी इन्होंने घोड़े को रोते हुए देखा तो इनका दिल आपको तो मैंने बताया कि बहुत नम्र स्वभाव के थे इनका दिल पसीज गया बोले पशु की बलि नहीं दूंगा तो ऋषि मुनियों ने कहा यज्ञ पूरा नहीं होगा बोले ना हो पूरा.

लेकिन यज्ञ में मैं बलि नहीं दूंगा इन्होंने घोड़े की बलि मना करके बोल दिया कि हमारे वंशज जितने भी है सबके सब वेजिटेरियन रहेंगे और घोड़े की बलि नहीं दी इन्होंने हिंसा की बलि बोले हिंसा बंद कर दो और यज्ञ समाप्ति के लिए मैं नया नियम लेकर आऊंगा नारियल फोड़ किसी जानवर की हत्या नहीं करेंगे नारियल फोड़ना यहां से शुरू हुआ था और बलि प्रथा रुक गई अब.

रुक गई तो वहां पर कई ऐसे भी बिजनेसमैन हो सकते थे जो इसी प्रकार का बिजनेस करते उनमें से एक आदमी इनके पास रोता हुआ आया बोला मेरे भूखे मरने की नौबत आ गई महाराज बोला क्या हुआ क्या समस्या बोला मैं भैंस बकरी को मार के गाय को मार के उसका मास बेचा करता था आपने बंद करा दिया अब राज्य में सारे वेजिटेरियन हो गए अब मैं क्या करूं सबने मास खाना बंद कर दिया व्यापार.

मेरा रुक गया महाराजा अग्रसेन मैं बताया ना बिजनेस कोच कहते निराश मत हो टेंशन क्यों लेते हो इसको बोलते हैं ऑप्शन कर्फ मार्केट में कंज्यूमर बिहेवियर बदल गया है उन्होंने कहा मास्क क्यों बेचते हो तुम गाय है है बकरी है है मत काटो बोलो नहीं काटू तो क्या करूंगा बोलो उसका दूध निकालो दूध बेचो बोलो एसोसिएटेड लाइन ऑफ प्रोडक्ट बिल्ड करो दूध से घी बनाओ मक्खन बनाओ पनीर.

बनाओ दही बनाओ लस्सी बनाओ छाछ बनाओ इतनी एसोसिएटेड लाइन ऑफ प्रोडक्ट जिसको बोलते हैं रिलेटेड प्रोडक्ट कनेक्टेड प्रोडक्ट और कॉम्प्लीयंट के बेच रहे थे अब इनी आइटम बेच सकते हो तो जैसे ही बेचना शुरू किया उसको समझाया कि इसको बोलते हैं एडॉप्शन ऑफ द लाइफ साइकिल आप लोगों के चेंज चेंज ऑफ बिहेवियर के हिसाब से अपने प्रॉडक्ट लाइन को बिल्ड करना चाहिए हां तो आप बन जाओगे.

इनोवेट अर्ली अडॉप्टर और अर्ली मेजॉरिटी में क्योंकि आप पहला बिजनेस ये करने वाले हो इतनी सारी एसोसिएटेड लाइन प्रॉ के साथ देखते ही देखते उस आदमी का व्यापार इतना बढ़ गया उसे मैनेज करना मुश्किल हो गया फिर आया महाराज आगर सेन के पास बोले महाराज बहुत-बहुत धन्यवाद महाराज की जय हो महाराज की जय हो लेकिन बिजनेस इतना बढ़ गया संभल नहीं रहा तो महाराज ने कहा अकेले.

सब कुछ नहीं बेच पाओगे अब देखो नया मॉडल दिया उन्होंने ये महाराजा अग्रसन के मैं ये साइट दिखाना चाहता हूं आपको मैं जिस प्रकार से अपने चैनल प वीडियो डालता हूं ना कहीं नहीं मिलेंगे आपको ये किसी youtube1 तैयार करो और अपने माल को वहां सुपर स्टॉकिस्ट तक पहुंचाओ और वो आगे अपने गांव में अपने शहर में पूरा डिस्ट्रीब्यूटर उसका बिजनेस और बढ़ गया.

बोले अब जो तुम कर रहे हो इसको बोलते हैं इकॉनमी ऑफ स्कोप बोलो इकॉनमी ऑफ स्कोप क्या होता है आप सेम वेयरहाउस को को यूटिलाइज कर रहे हो सिमिलर टाइप ऑफ डिफरेंट प्रोडक्ट बनाने में मतलब आपको दही के लिए अलग फैक्ट्री दूध के लिए अलग फैक्ट्री छाछ के लिए अलग फैक्ट्री नहीं लगानी है जैसे एक जूता बनाने वाला है वो जूता पहले मम्मी पापा के बनाता था लेकिन.

उसी जूता बनाने की फैक्ट्री में उसने बच्चों को भी बनाना शुरू कर दिया तो क्या किया वही इक्विपमेंट यूज़ करे वही सप्लाई यूज़ करी वही स्टोरेज यूज़ करी वही डिस्ट्रीब्यूशन चैनल यूज़ किया लेकिन नया लाइन ऑफ प्रॉडक्ट बना दिया रेवेन्यू बढ़ गया वो बड़ा हैरान हुआ यार हां जैसे मान लो इस की कॉस्ट भी बढ़ जाएगी बर्गर की कॉस्ट.

भी बढ़ जाएगी पर सेम रिसोर्सेस को यूज करके उसी के अंदर से बर्गर और फ्रेंच फ्राई दोनों बेच रहा है यह दोनों करो और आप ज्योग्राफिकल एक्सपेंशन डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के साथ आगे चले जाओ जब आप ये रिलेटेड कनेक्टेड प्रोडक्ट को लेकर के इकट्ठे जाओगे तो आपकी लॉजिस्टिक्स कॉस्ट बचेगी जैसे जगर हुआ करता है जगुआर जानते ना पहले टॉयलेट फिटिंग में था अब उसने.

क्या किया जगुआर ने टॉयलेट की लाइट बिला दी एसोसिएटेड लाइन ऑफ प्रोडक्ट एक बार इनके पास काफी सारे व्यापारी पहुंचे बोला अग्रोहा कुंज के आसपास हिसार में गर्मी रहती है हम यहां गर्मी के कपड़े कॉटन के बनाते हैं अब नवंबर दिस जनवरी फरवरी यह चार महीने हमारा धंधा चलता ही नहीं है हमारे को खाने के लाले पड़ जाते हैं हम क्या करें कोई खरीदता नहीं सबको खाली कंबल.

रजाई चाहिए और सर्दी के कपड़े हमें य बनाने नहीं आते हैं हमारा व्यापार करना मुश्किल हो गया है तो महाराजा अग्रसन ने कहा इसमें कोई समस्या नहीं है आप इंटेलीजेंटली नहीं सोच रहे देखिए कैसे व्यापार उन्होने बढ़ाया उन्होंने कहा कि आपको अब आप क्या साउथ के अंदर यह टेंपरेचर यह क्लाइमेट और इस विंड के कारण इस समय वहां पर अभी भी गर्मी होगी तो सामान.

इकट्ठा मत करो सामान को इकट्ठा करके यहां से सामान के साथ ट्रेवल करो ताकि आपका नुकसान ना हो इन्वेंटरी मैनेजमेंट जस्ट इन टाइम स्ट्रेटेजी समझाई इन्होंने जहां मांग है वहां पहुंच जाओ बड़े-बड़े मैनेजमेंट कॉलेजेस में महाराजा अग्रसेन का य सीजनल बिजनेस मॉडल आज पढ़ाया जाता है महाराजा अग्रसेन ने छह सात टिप दिए उनको बोला पहला टिप क्या है जहां पे सीजन है वहां जाओ.

दूसरा अगर यही काम करना है अपने सीजन को एक्सटेंड करो जब सीजन खत्म होने लगा हो तो उससे मैं डिस्काउंट देके अपने माल को निकालो तीसरा महाराजा ग्रस ने समझाया कि क्या करो अपने कस्टमर्स अपने डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ साउथ के रेफरल लॉयल्टी प्रोग्राम बिल्ड करो ताकि वो खुद आपसे सामान वाना शुरू कर दें और बताया इसके अलावा अगर तुम कुछ और नए प्रोडक्ट.

लाइन ऐड कर सको जो इस सीजन प चल जाए बहुत अच्छा और फाइनली अगर तुम इस समय यहां माल नहीं बेचते साउथ में नहीं जाना चाहते तो जब सीजन आने वाला है उसकी तैयारी अभी शुरू कर दो ताकि तुम इस समय अपने रिटेल ऑपरेशंस बंद करोगे तुम्हारा खर्चा बचेगा आपका बिजनेस सीजनल हो सकता है पर आपकी कमिटमेंट सीजनल नहीं होनी चाहिए जितना मैं महाराज अगर सेन के बारे में बता रहा हूं उतना मैं.

खुद सरप्राइज होता हूं और आपको भी धन्यवाद करना चाहता हूं कि आपने मुझे कमेंट बॉक्स में इनकी केस स्टडी बनाने को बोला था आप मुझे मैसेज करते हैं ईमेल करते हैं हर सुबह संडे 8:00 बजे आते हैं आप आकर केस स्टडी देते हैं तो आप ऐसे नीचे मुझे बताते रहिए और एक बात और बता दूं जिन्होंने रिसेंटली मेरा केस स्टडी देखना शुरू किया है वो विवेक बिंदरा केस स्टडी सर्च करें.

Youtube3 पर्सनालिटी इनको केवल बिजनेस स्कूल में नहीं प्राइमरी स्कूल में भी पढ़ा जाना चाहिए खैर शुरुआत हो चुकी है आज हरियाणा इसके स्टेप्स ले रहा है आज बायोग्राफी महाराजा अग्रसेन की बनाई जा रही पढ़ाई जा रही है पांचवी क्लास में हरियाणा में अग्रोहा को आने वाले समय में एक टूरिस्ट सेंटर बनाया जा रहा है अग्रोहा ये वो जगह है जहां पे अग्रसन समाज के.

लोगों को जिंदगी में एक बार कम से कम जरूर जाना अनिवार्य होता है महाराजा अग्रसन के ऊपर स्टैंप भी बनाई गई थी 5100 जयंती 5100 साल होने पे आज यूपी हरियाणा पंजाब यहां गैजेटेड हॉलिडे भी दी जाती है अग्रसेन जयंती पे हिसार में महाराजा अग्रसेन जी के नाम प एक इंटरनेशनल एयरपोर्ट आ रहा है महाराजा अग्रसेन के स्टैचू बन रहे हैं टेंपल बन रहे हैं उनके मंत्र है उनकी आरती.

है उनके चालीसा उनके दोहा उनकी प्रार्थना उनके नाम के स्कूल कॉलेज यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल उनके नाम के मेडिकल कॉलेजेस मैनेजमेंट कॉलेजेस उनके नाम के गार्डन पिक प आऊ धर्मशाला क्यों इतना धान सेवा करते हैं क्षत्रिय धर्म कहता है तलवार उठा लो वैश्य धर्म कहता है व्यापार संभालो तो उन्होंने क्या किया तलवार के ऊपर व्यापार को चुनकर महाराजा अग्रसेन ने अपनी आने.

वाली सारी सदियों का कल्याण कर दिया आज अग्रवाल समाज के लोग पूरी दुनिया में फैल चुके हैं महाराजा अग्रसन की स्टोरी मैंने इस प्रकार से आपको समझाई जिसके बारे में आपको समझ में आया कि क्यों बनिए आज व्यापार में इतनी तेज है क्यों ये संस्कार कहां से आए ये खून कहां से आए इसीलिए मैं सम्मान करता हूं मैं इतना सम्मान करता हूं मुझे तो कई बार लगता है शायद मैं पिछले.

जन्म में खुद ही अग्रवाल समाज का रहा हूंगा क्योंकि मेरे को इतने संस्कार इनके प्यारे लगते हैं तो अग्रह में जो उन्होंने बिजनेस का बीज उन्होंने बोया है ना आज पूरी दुनिया का एक बड़ा वृक्ष बनके पूरी दुनिया को आज छाया दे रहा है क्योंकि इतनी ज्यादा डोनेशन ये लोग करते हैं ऐसी जीवात्मा को आज मेरा कोटि-कोटि नमन आप नीचे फीडबैक जरूर दीजिएगा कमेंट बॉक्स में.

कि आपको मेरी संडे सुबह 8:00 बजे की केस स्टडीज कैसी लगती हैं लोगों को आदत पड़ती जा रही है अपने बच्चों को वीडियो जरूर दिखाते हैं ताकि बच्चों के अंदर वो संस्कार जा सके उनकी बुद्धि जागृत हो सके विकसित हो सके बजाए कि केवल वीडियो गेम खेले अपने स्क्रीन टाइम को इंटेलिजेंट यूटिलाइज करें यही मेरा मैसेज है और कमेंट बॉक्स में आकर के मैं आपके फीडबैक्स प.

आपके सजेशन पर रिप्लाई जरूर करूंगा हमारे साथ जुड़े रहने के लिए वर्ल्ड के नंबर वन अंपन य चैनल को सब्सक्राइब करने और करवाने के लिए आप सबका बारंबार धन्यवाद [संगीत]

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