Home › IT Blog › Case Study › How PhonePe KILLED Paytm? | Business case study

How PhonePe KILLED Paytm? | Business case study

How PhonePe KILLED Paytm? | Business case study

At a glance

Read
1 min
Sections
1
Published
10/01/2025

हाय एवरीवन पिछले कुछ सालों में फ p ने डिजिटल पेमेंट इंडस्ट्री में बहुत ही जबरदस्त ग्रोथ दिखाई है जहां आज की डेट में paytm.apk शेयर है फ पे अकेला 48.3 पर मार्केट शेयर के साथ लीड कर रहा है और सिर्फ इतना ही नहीं 2024 में जहां paytm2 करोड़ के एडजस्ट पैट के साथ प्रॉफिटेबिलिटी अचीव कर ली है और पता है.

क्या फोन पे सिर्फ और सिर्फ 2015 में लॉन्च हुआ है उस वक्त paytm2 मिलियन मर्चेंट्स का स्ट्रांग नेटवर्क भी था मोबाइल वॉलेट कंपनी paytm-in द एलीट क्लब ऑफ स्टार्टअप्स विद अ वैल्युएशन ऑफ ओवर $ बिलियन ड एडवांटेज पैसा कस्टमर्स और मर्चेंट्स का स्ट्रांग डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क भी था वहीं.

के पीछे गवर्नमेंट का रोल है और जब ज्यादातर फिटेक स्टार्टअप इंडिया जैसे प्राइस सेंसिटिव मार्केट में प्रॉफिटेबिलिटी अचीव करने में स्ट्रगल कर रहे हैं वहां आखिर फो पे कैसे प्रॉफिटेबल बन गया फोन पे की ना स्टोरी बड़ी इंटरेस्टिंग है इसके अंदर तीन को फाउंडर्स हैं समीर निगम राहुल छरी और बर्जिन इंजीनियर समीर.

और राहुल दोनों ने साथ में यूनिवर्सिटी ऑफ मुंबई में पढ़ाई की थी जहां पर वो अच्छे दोस्त बने थे वहीं समीर से बर्जिन लॉस एंजलिस में मिला था और 2009 में ये तीनों साथ में मिलके एक डिजिटल डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफार्म माइ 360 लॉन्च करते हैं और ये काफी ज्यादा अच्छा चलता है जिसमें कई सारे बड़े क्लाइंट सारे गामा यूनिवर्सल म्यूजिक gana.com को भी ऑन बोर्ड करते हैं और.

Flipkart-in दूसरा स्टार्टअप जॉइन कर लेता है वहीं समीर और राहुल दोनों वायरल हो जाती है लोगों को ये बहुत ही ज्यादा पसंद आती है एंड इसकी वजह से flipkart-in के साथ शेयर करते हैं और तीनों साथ में मिलके दिसंबर 2015 में फ p को लॉन्च कर देते हैं अब ना फ p की टाइमिंग यहां पे बहुत ही बत ही ज्यादा परफेक्ट थी क्योंकि 2016 में ना तीन मेजर.

इवेंट्स होते हैं जिसकी वजह से इंडियन इकॉनमी रातों-रात बदल जाती है अप्रैल 2016 को एमपीसीआई यूपीआई लॉन्च कर देती है 5 सितंबर को jio1 8 को मोदी गवर्नमेंट डिमॉनेटाइजेशन अनाउंस कर देती है और जैसा कि हम सभी को पता है jioit.ril होती क्योंकि इस डाटा से उनको पता चलेगा कि यूजर को क्या पसंद है वो.

कहां शॉपिंग करता है उसकी सैलरी कितनी है वो कहां खर्चा करता है कहां इन्वेस्ट करता है एक्सेट्रा एक्सेट्रा एंड इसी डाटा के बेसिस पे कंपनी अपने यूजर के इंटरेस्ट के हिसाब से उन्हें प्रोडक्ट्स और सर्विसेस रिकमेंड करती है और इसी डाटा को पाने के लिए सभी पेमेंट्स पप एक सिंपल सा कांसेप्ट यूज़ करते हैं ट्रस्ट प्लस डाटा इक्वल्स टू रेवेन्यू.

अब ना ये कांसेप्ट बड़ा सिंपल सा है पहले कंपनीज आपका ट्रस्ट गेन करेंगी जिससे कि उन्हें डेटा मिलेगा और इसी डेटा के अकॉर्डिंग वो पैसा कमाएंगे सो यूजर का ट्रस्ट गेन करने के लिए ये सभी एप्स ने यूपीआई ट्रांजैक्शन को फ्री रखा ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इनके ऐप को चलाए जिसके थ्रू इन्हें डेटा मिले और फिर इसी डेटा के अकॉर्डिंग वो फ्यूचर में उन्हें.

दूसरी प्रोडक्ट और सर्विसेस जैसे कि इंश्योरेंस लोंस ई-कॉमर्स आइटम्स एक्सेट्रा उन्हें सेल कर सके सो यहां पर ना दो इंपॉर्टेंट चीज है पहला तो उन्हें ट्रस्ट बिल्ड करना है जिससे कि यूजर ऐप पर आए और उन्हें डाटा मिल सके और दूसरा रेवेन्यू जनरेट करना दैट इज कि एक बिजनेस मॉडल बनाना जिससे कि वो इन यूजर्स को मोनेटाइज कर पाए जिससे कि वो कंपनी एक.

पैसा बना सके अब ना इतना ज्यादा इंपॉर्टेंट नहीं है क्योंकि google3 फॉर एग्जांपल अगर कोई यूजर रेगुलरली कैफे में पेमेंट करता है तो google’s दिखाएगा और youtube’s की वीडियो रिकमेंड करेगा इस तरह से googlethalli.com और इसी वजह से सभी यूपीआई एप्स स्टार्टिंग में काफी ज्यादा कैश बर्न करते हैं कैशबैक के फॉर्म में ताकि वह ज्यादा से ज्यादा.

यूजर्स को एक्वायर कर सके सो क्या इसका मतलब यह है जो कंपनी ज्यादा से ज्यादा पैसा ब सकती है उसे सबसे ज्यादा कस्टमर्स मिलेंगे वेल नो क्योंकि ये इंडिया है और यहां पर कंज्यूमर्स स्मार्ट है वो एक ऐप से कैशबैक लेकर वापस उसी ऐप पर शिफ्ट हो जाएंगे जो उन्हें पसंद है और ऐसा इसलिए है क्योंकि यूपीआई ना क्रॉस एप वर्क करता है वो.

पप आप यूज कर सकते हो सामने वाला क्या यूज करता है उससे फर्क नहीं पड़ता है और इसी वजह से ना किसी भी नए ऐप पर शिफ्ट होने के लिए एंट्री टू बैरियर ऑलमोस्ट जीरो है मतलब ये कि मनी इज नॉट अ लेवरेज एनीमोर और इन एप्स को कुछ ऐसा करना होगा जिसके थ्रू यूजर्स को अपने प्लेटफॉर्म पर रिटेन कर सके और साथ ही उन्हें मोनेटाइज करने के लिए उन्हें एक स्ट्रांग बिजनेस मॉडल भी.

बनाना पड़ेगा और फो पे ने दोनों ही चीजें क्रैक कर ली है उसके पास मैक्सिमम शेयर भी है और वो इकलौता यूपीआई ऐप है जिसने प्रॉफिटेबिलिटी टच कर ली है तो चलो जानते हैं फो पे ने ऐसा क्या अलग किया जिसकी वजह से उसने ये दोनों चीजें अचीव कर ली पेमेंट एप्स के अनार बिजनेस मॉडल दो चीजों में डिवाइडेड है पहला कस्टमर साइड और दूसरा मर्चेंट साइड सो पहले हम बात करते.

हैं कस्टमर साइड की लद एक या दो पर्सन ही होते हैं जो ये सारी चीजें पूरी फैमिली के लिए बुक करते हैं अब paytm2 चीजें एज एन ऐड ऑन होंगी अब ये बिल्कुल वैसा ही है पे कई सारे कमेंट्स देखे जिनका यह मानना था कि उन्हें paytm2 सा था सो नाउ यू माइट बी थिंकिंग कि फिर.

Google2 और सिर्फ उसके डाटा से मतलब है जिससे कि वो उसकी बाकी सर्विसेस को इंप्रूव कर सके और इसीलिए वो हर ट्रांजैक्शन से पहले लोकेशन एक्सेस मांगता है यह जानने के लिए कि यूजर ने कहां पेमेंट किया है और ना इसी वजह से जना रुकना नहीं चाहता है लोगों को चाहिए फास्ट एंड इजी टू यूज एक्सपीरियंस अब आते हैं सेकंड पॉइंट पर व्हिच इज एग्रेसिव.

एक्सपेंशन paytm-in कोड स्टार्ट करता है वहीं paytm-in क्योंकि इस स्पेस में ना तो बड़े जायंट्स क्योंकि उसने सभी चीजों को आउटसोर्स किया है और अगर कोई चीज नहीं भी चली तो उसे ना ज्यादा लॉस नहीं होगा वो सिर्फ और सिर्फ अपना कलेब तोड़ देगा और वहीं paytm2 बंद भी करना पड़ता है अब आते हैं.

पॉइंट नंबर थ्री पे व्हिच इज गवर्नमेंट रोल किसी भी फिटेक कंपनी के लिए ना गवर्नमेंट रेगुलेशंस को फॉलो करना बहुत ही ज्यादा जरूरी है क्योंकि अगर उन्होंने इस चीज को इग्नोर कर दिया तो गवर्नमेंट उनके बिजनेस पर रिस्ट्रिक्शन लगा सकती है जिससे कि यूजर्स का उस कंपनी से ट्रस्ट टूट सकता है और पता है क्या [संगीत].

Paytm-in पर अफेक्ट आता है जिसकी वजह से उसका स्टॉक प्राइस और गिरने लगता है सो ये तो अपन ने बात कर ली है कस्टमर साइड की अब अपन बात करते हैं मर्चेंट साइड की जहां पर paytm-in ने कितना लोन देना चाहिए और इनके लिए ना पैसा लेना भी आसान है ये एक साथ पैसा लेने के बजाय ये हर दिन या फिर वीकली ऑटोमेटिक पैसे काट लेते हैं जिससे कि शॉप ओनर पर भी ज्यादा लोड नहीं आता है और वो.

इजली लोन भी ले पाता है अब ना इस चीज को यूज़ करने के लिए इन सभी पेमेंट्स पप को पहले मर्चेंट्स को ऑन बोर्ड करना पड़ेगा और पता है क्या paytm2 में एक माइंड ब्लोइंग प्रोडक्ट लॉन्च करता है paytm-in आया या नहीं paytm2 5 पर मंथ रखता है जिससे कि वो ज्यादा से ज्यादा मर्चेंट्स को ऑन बोर्ड.

कर सके अपने साउंड बॉक्स के थ्रू paytm2 की रिपोर्ट रिलीज नहीं हुई है लेकिन 2023 के डेटा के अकॉर्डिंग paytm2 लाख मर्चेंट्स को ऑन बोर्ड किया है और सिर्फ एक मंथ में 5000 करोड़ वर्थ के लोंस को डिस्ट्रीब्यूटर अपना फो पे अपना साउंड बॉक्स काफी लेट लॉन्च करता है वो इसे 2022 में लॉन्च करता है और paytm2 रख देता है दैट इज ₹ पर मंथ और अगर.

किसी मर्चेंट के 25 ट्रांजैक्शन पर मंथ से कम है तो उसके लिए चार्ज होगा ₹1 पर मंथ फो पे ना इस प्रोडक्ट को नुकसान में सेल करता है जिसके थ्रू वो जल्दी से जल्दी ज्यादा से ज्यादा मर्चेंट्स को ऑन बोर्ड कर सके और एक्चुअल पैसा वो लोंस के थ्रू कमाए नंबर टू फोन पे अमिताभ बच्चन की वॉइस यूज करता है अपने स्पीकर में अबना फोन पे को.

पता है कि सेलर इज आल्सो बायर तो वो जब भी किसी और शॉप पर जाएगा जहां फो पे का साउंड बॉक्स लगा है उसकी ना वहां पर नजर जाएगी अमिताभ बच्चन की वॉइस की वजह से और इससे ना जब भी फो पे की टीम उस मर्चेंट को कांटेक्ट करेगी उसे ना पहले से उसके प्रोडक्ट के बारे में पता होगा और इस तरह से फोन पे सिर्फ एक साल के अंदर 40 लाख स्पीकर.

डिप्लॉयड से और paytmfirstgames.com सकते हैं नंबर वन हमेशा गवर्नमेंट पॉलिसीज और उसके डिसीजन पर ध्यान रखना चाहिए कि गवर्नमेंट क्या चीजें प्रमोट कर रही है जैसे फ p ने एनपीसीआई के यूपीआई लच पर ध्यान रखा था और उसे सबसे पहले अपने ऐप में इंटीग्रेट भी कर लिया था वहीं paytm2 हमें अपने कस्टमर्स के पेन को.

समझना चाहिए और उन्हीं के इकोसिस्टम के साथ अपने सॉल्यूशन को अलाइन करना चाहिए जिससे कि लॉन्ग टर्म वैल्यू क्रिएट हो जैसे paytmbank.com पसंद आया था और [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] jio4g ने बोला डिजिटल करो भाई नोट बंद हुए.

लाइन में लगे सारे भाई डिजिटल का जमाना सबको समझ आया फोन पे और [संगीत] paytm2 था किंग उसका बड़ा था जलवा पर रूल्स के चक्कर में गिर गया वो हलवा स् में [संगीत] paytm2 रुपए में साउंड बॉक्स बनाई अपनी पहचान बचन की आवाज से ट्रस्ट जितना हुआ.

आसान [संगीत]

Find the right tool

Compare 200+ AI & SaaS tools — or tell us what you need and we’ll match you with providers, free.

Get the best of the blog

One email a week with new guides and tool picks. No spam; unsubscribe any time.

Keep reading

Get the best of the blog

One email a week with new guides and tool picks. No spam; unsubscribe any time.