Transport Bilty बनाना सीखें — A to Z
Bilty क्या होती है, कैसे भरते हैं, कितने प्रकार होती है — सब कुछ हिंदी में, एकदम सरल भाषा में।
जब भी कोई सामान एक शहर से दूसरे शहर ट्रक या टेम्पो से भेजा जाता है — तो एक कागज़ बनाया जाता है जिसे Bilty कहते हैं। इसे Consignment Note या Lorry Receipt (LR) भी कहा जाता है।
सोचिए — अगर आप मुंबई से दिल्ली 50 बोरी चावल भेज रहे हैं, तो कैसे पता चलेगा कि सामान किसने भेजा, किसे भेजा, कितना भेजा, कितना माल-भाड़ा है, और माल पहुँचने पर कौन लेगा? यही सब जानकारी Bilty में होती है।
Legal Document
Bilty एक कानूनी दस्तावेज़ है। माल खो जाए या टूटे — तो Bilty से दावा किया जा सकता है।
Proof of Dispatch
Bilty इस बात का सबूत है कि माल ट्रांसपोर्ट कंपनी को दे दिया गया है।
Freight Receipt
इसमें माल-भाड़े की पूरी जानकारी होती है — कितना देना है, किसने देना है।
Bank Document
व्यापारी Bilty को bank में जमा कर पेमेंट ले सकते हैं — यह बहुत ज़रूरी है।
Delivery Proof
माल पहुँचने पर जो व्यक्ति माल लेता है वो Bilty पर signature करता है।
GST Record
Bilty में GST नंबर और charges होते हैं — यह Tax के लिए ज़रूरी है।
Bilty में कई तरह की जानकारी भरनी होती है। हर field का अपना अलग मतलब है। आइए हर section को एक-एक करके समझते हैं:
🚛 शर्मा ट्रांसपोर्ट कंपनी
मुंबई | दिल्ली | जयपुर | अहमदाबाद · GST: 27AAAAA0000A1Z5 · Ph: 9876543210
| माल का विवरण | Packages (नग) | वज़न (kg) | Rate/kg | Amount |
|---|---|---|---|---|
| बासमती चावल (बोरी) | 50 बोरी | 2,500 kg | ₹2.50 | ₹6,250 |
| पैकिंग सामग्री | 10 Box | 80 kg | ₹3.00 | ₹240 |
| कुल / Total | 60 Pkg | 2,580 kg | — | ₹6,490 |
| Basic Freight (2,580 kg × ₹2.50) | ₹6,450 |
| Loading Charges | ₹500 |
| Unloading Charges | ₹500 |
| GST @ 5% | ₹372 |
| कुल माल-भाड़ा | ₹7,822 |
अब हम सीखेंगे कि एक Bilty को शुरू से अंत तक कैसे भरा जाता है। नीचे दिए गए steps को follow करें — चाहे हाथ से भर रहे हों या computer software में।
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1
Bilty Number और तारीख लिखें सबसे पहले Bilty Number डालें। हर Bilty का एक अलग unique number होना चाहिए — जैसे BL-2026-04821। तारीख हमेशा DD/MM/YYYY format में लिखें। यह number बाद में tracking के लिए काम आता है।
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2
From और To Station भरें माल कहाँ से जा रहा है और कहाँ जाना है — दोनों शहरों के नाम साफ लिखें। जैसे: मुंबई → दिल्ली। Route कभी-कभी toll और tax calculate करने के काम आता है।
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3
Consignor की जानकारी भरें माल भेजने वाले का पूरा नाम, पता, mobile number, और GST number भरें। GST number हमेशा consignor के registration certificate से verify करें — गलत GST number से E-Way Bill नहीं बनेगा।
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4
Consignee की जानकारी भरें माल पाने वाले का पूरा नाम, delivery address, और GST number भरें। Address एकदम सही होना चाहिए — गलत address पर माल पहुँचाना ट्रांसपोर्टर की ज़िम्मेदारी नहीं होगी।
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5
माल की जानकारी (Goods Details) भरें माल का नाम, कितने packages (नग/बोरी/box), कुल वज़न (kg में), और declared value लिखें। वज़न हमेशा weighbridge slip से verify करें — अंदाज़ से नहीं। Declared value कम लिखना insurance claim में नुकसान करता है।
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6
Vehicle Number और Driver की जानकारी भरें जिस ट्रक में माल लोड हो रहा है उसका vehicle registration number (जैसे MH 04 AB 1234) भरें। Driver का नाम और mobile number भी ज़रूर लिखें — यह tracking और emergency contact के लिए ज़रूरी है।
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7
Freight / माल-भाड़ा calculate करें और भरें Basic freight = वज़न × rate per kg। इसमें loading/unloading charges और GST @ 5% जोड़ें। फिर Freight Type चुनें — Paid, To Pay, या FOB (यह Module 4 में समझाया है)। Total freight साफ लिखें।
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8
E-Way Bill Number डालें (अगर लागू हो) अगर माल की value ₹50,000 या उससे ज़्यादा है, तो E-Way Bill बनाना अनिवार्य है। E-Way Bill ewaybillgst.gov.in पर बनता है। उसका 12-digit number Bilty में ज़रूर लिखें — बिना E-Way Bill के माल highway पर रोका जा सकता है।
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9
सभी Copies पर Signature और Stamp लगाएं Consignor से signature लें, ट्रांसपोर्ट कंपनी की rubber stamp और authorized signature लगाएं। Driver को उसकी copy दें — यह proof है कि उसने माल receive किया। बिना signature के Bilty अधूरी है।
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10
सभी Copies distribute करें और Record रखें Consignor copy — भेजने वाले को दें। Driver copy — ट्रक में रखें। Office copy — अपने records में रखें। Consignee copy — destination पर deliver होगी। Office copy को file में safe रखें — यह आपका legal record है।
Transport में Bilty का सबसे important हिस्सा होता है — Freight Type। यह तय करता है कि माल-भाड़ा कौन देगा — माल भेजने वाला या माल पाने वाला। गलत Freight Type लिखने से payment को लेकर बड़ा झगड़ा हो सकता है।
PAID
माल-भाड़ा पहले ही दे दिया गया है। माल भेजने वाले (Consignor) ने loading के समय ही payment कर दी।
TO PAY
माल-भाड़ा delivery के समय देना है। माल पाने वाला (Consignee) दिल्ली में माल लेते वक्त payment करेगा।
FOB
Freight On Board — माल-भाड़े की ज़िम्मेदारी एक निश्चित point तक Consignor की, उसके बाद Consignee की।
| बिंदु | PAID | TO PAY | FOB |
|---|---|---|---|
| Payment कब? | Loading के समय | Delivery के समय | निर्धारित point पर |
| कौन देता है? | Consignor (भेजने वाला) | Consignee (पाने वाला) | दोनों — हिस्सों में |
| कब use होता है? | जब seller सब कुछ control करना चाहे | सबसे आम — wholesale trade में | Export और special contracts में |
| Risk किसकी? | Transit में Transporter की | Consignee की (payment न करे तो माल नहीं मिलेगा) | Point के हिसाब से बँटती है |
| सबसे ज़्यादा use? | E-commerce, FMCG | Wholesale, B2B trade | Import-Export business |
Bilty में की गई गलती सिर्फ कागज़ की गलती नहीं होती — इससे माल रुक सकता है, penalty लग सकती है, या माल का claim fail हो सकता है। नीचे सबसे common गलतियाँ और उनसे बचने के तरीके दिए हैं:
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गलत वज़न लिखना कई बार staff अंदाज़ से वज़न लिख देते हैं। असली वज़न से ज़्यादा लिखा तो Consignor का नुकसान, कम लिखा तो highway checkpoint पर penalty। हमेशा weighbridge slip से वज़न लें।
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E-Way Bill न बनाना ₹50,000 से ज़्यादा के माल पर E-Way Bill अनिवार्य है। बिना E-Way Bill के माल GST checkpoint पर रोका जाएगा और भारी penalty लगेगी — कभी-कभी माल ज़ब्त भी हो सकता है।
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Vehicle Number गलत लिखना Bilty में जो Vehicle Number होगा, वही E-Way Bill में भी होना चाहिए। दोनों अलग होने पर माल illegal shipment माना जाएगा। ट्रक की RC book देखकर number confirm करें।
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🚫
Consignor/Consignee का GST Number गलत लिखना गलत GST number से tax invoice invalid हो जाती है। Consignor और Consignee दोनों का ITC (Input Tax Credit) क्लेम fail हो सकता है। हमेशा GST certificate देखकर number copy करें।
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Overwriting से बचें — काटकर initials लगाएं अगर Bilty में कोई गलती हो जाए, तो उसे overwrite न करें। एक line से काटें, सही जानकारी लिखें, और authorized person के initials लगाएं। यह legally सही तरीका है।
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Declared Value कभी कम न लिखें कुछ लोग insurance और tax से बचने के लिए माल की value कम लिखते हैं। लेकिन अगर माल खो जाए या टूटे तो claim उसी कम value पर होगा — असली नुकसान आपका होगा।
📋 E-Way Bill Rule
₹50,000 से ज़्यादा के माल पर inter-state movement के लिए E-Way Bill अनिवार्य है। यह ewaybillgst.gov.in पर बनता है और Bilty के साथ ट्रक में रहना चाहिए।
⏰ Validity Rule
E-Way Bill की validity distance पर depend करती है। 100 km तक = 1 दिन, हर 100 km पर 1 दिन extra। Delhi-Mumbai (1,400 km) के लिए लगभग 15 दिन की validity मिलती है।
📄 Documents in Truck
ट्रक में हमेशा ये documents होने चाहिए: Bilty (Original), E-Way Bill, Vehicle RC, Driver License, Insurance Certificate, Pollution Certificate। checkpoint पर इन्हीं की जाँच होती है।
🔒 Record Keeping
हर Bilty की office copy कम से कम 5 साल तक रखें। GST audit में Bilty records माँगे जाते हैं। Computer software में digital backup भी ज़रूर रखें।
✅ Bilty बनाने से पहले — यह Checklist Follow करें
- Consignor का नाम, पता, और GST Number certificate से verify किया
- Consignee का नाम, delivery address, और GST Number confirm किया
- माल का वज़न weighbridge slip से लिया — अंदाज़ से नहीं
- Packages की गिनती खुद की या phlebotomist से confirm की
- Declared Value Consignor से confirm की — invoice देखी
- Vehicle Number ट्रक की RC book से check किया
- Freight Type (Paid/To Pay/FOB) Consignor से confirm किया
- E-Way Bill बना लिया (अगर value ₹50,000+ है)
- सभी copies पर Consignor का signature और company stamp लगाई
- Driver को उसकी copy दी और Office copy file में रखी
🚛 अब आप Bilty बनाना जानते हैं!
Bilty क्या है, कैसे भरें, कितने प्रकार की होती है, और क्या गलतियाँ नहीं करनी — सब कुछ आपने सीख लिया। अब practice करें!

