कि पार्टी 2008 के रिसेप्शन ड्रेस में काफी सारी कंपनी बंद हो गई थी लेकिन कुछ कंपनीज एसिडिटी 2008 के रस में स्टार्ट हुई थी और काफी ज्यादा सफल हो गई थी जैसे कि ग्रुपऑन है दोस्तों गुरु कौन को गुस्सा इनकी फास्टेस्ट ग्रोइंग कंपनी माना जा रहा था लेकिन आज ग्रुपऑन काफी ज्यादा सवाल कर रहे हैं दोस्तों असल में ग्रुपऑन कंज्यूमर को बहुत अच्छी-अच्छी चीज और पॉइंट.

प्रोवाइड करता था वहीं दूसरी तरफ कंपनीज और ब्रांच को बहुत सारे कस्टमर्स प्रोवाइड करता था लेकिन ग्रुपऑन का मॉडल बिल्कुल भी फिनिशिंग नहीं था ग्रुपऑन नए कस्टमर्स को आउट करने के चक्कर में बहुत सारे ब्रांड और कंपनियों के प्रोडक्ट्स को ब्लॉक वॉइस मेल सेंड करता था इसी वजह से बहुत सारी शॉर्ट और कंपनी सिर्फ बैंक रखी हुई थी और कंपनी और ब्रांड अपने कंजूमर कोर्ट का.

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आंसर को बंद करना बंद करते थे तो कंज्यूमर गुड्स कंपनियों ब्रांड शॉपिंग करना बंद कर देते थे यहां तक कि कुछ साल पहले तो Google है वह कौन को सिर्फ बंद लम्हे भरने की कोशिश की थी लेकिन गोपाल उस बैंक की जा सकती इसलिए उसने गूगल की स्पीड को रिजेक्ट कर दिया था और आज हम देख सकते हैं कि वह कौन कितना ज्यादा शेयर करें

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