Home › IT Blog › Case Study › The DOWNFALL of DUNZO | Business Case Study

The DOWNFALL of DUNZO | Business Case Study

The DOWNFALL of DUNZO | Business Case Study

At a glance

Read
1 min
Sections
1
Published
21/03/2025

एक ऐसा स्टार्टअप जिसके सारे को फाउंडर्स खुद ही रिजाइन कर चुके हैं और एक ऐसा स्टार्टअप जिसमें जायंट्स जैसे google2 किया था फिर भी आज वो बैंकर पट हो चुका है आप समझ ही गए होंगे मैं बात कर रहा हूं डो की एक ऐसा स्टार्टअप जो मार्केट को कब छोड़कर चला गया पता ही नहीं चला सोचिए एक ऐसा स्टार्टअप जो मार्केट में सबसे पहले क्विक डिलीवरीज का ट्रेंड.

लेके आया था जिसका नाम एक दिन हर जुबा पर था वो आज मार्केट से खामोशी की तरह गायब हो चुका है तो जानेंगे दजो की अर्श से फर्श तक की कहानी क्योंकि आज इनके पास अपने एंप्लॉयज को सैलरी देने तक के पैसे नहीं है आखिर 500 मिलियन डॉलर्स की फंडिंग और $ बिलियन डॉलर्स की वैल्युएशन और सबसे पहले मार्केट में एंट्री करने का एडवांटेज दजो का कैसे आज नामो निशान मिट चुका है.

कैसे हैं तो चलिए शुरू करते हैं डज की हिस्ट्री डेंजो ईयर 2014 में शुरू हुआ था और इसकी शुरुआत करी थी कबीर विश्वास अंकुर अग्रवाल दलवीर सूरी और मुकुंद झान यह एक ऑल इन वन डिलीवरी प्लेटफार्म था जो 24 * 7 क्विक सर्विस प्रोवाइड करता है नंजो की शुरुआत एक छोटे से ूल जाने पर दोस्तों के घर से लानी हो.

डंजों से यह सब कुछ सिर्फ 45 मिनट्स में हो जाता था और स्टार्टिंग में कबीर विश्वास खुद डिलीवरी करते थे पूरा दिन लेट नाइट तक भी और यह था इनका हाइपर लोकल डिलीवरी बिजनेस जो इन्होंने सबसे पहले स्टार्ट करा था डंजों ने अपना पहला फंडिंग राउंड नवंबर 2016 में रेज करा था जिससे उन्हें 1.1 मिलियन डॉल की इन्वेस्टमेंट मिली जो कि अपार्ड वेंचर्स ने करी थी फिर.

उसके बाद सेकंड राउंड ऑफ फंडिंग उन्होंने 12.3 मिलियन पर रेज करा और इस इन्वेस्टमेंट को ब्लूम वेंचर्स और अपाड़ा इन्वेस्टमेंट्स ने लीड करा था और साथ ही कुछ और बड़े इन्वेस्टर्स ने भी पार्टिसिपेट करा जैसे राजन आनंदन जो कि एमडी थे google3 जिसमें एक्सपीरियंस सुधारने के लिए भी अपने आप को.

काफी इंप्रूव करने लगा बाद में डज ने काफी सारे फंडिंग राउंड्स करे और 2019 तक उन्होंने करीबन 200 मिलियन डॉलर की फंडिंग रेज कर ली थी जहां 2016 में डेंजो सिर्फ 15000 मंथली ऑर्डर्स प्रोसेस करता था वहां 2021 तक ये नंबर बढ़कर 2 मिलियन ऑर्डर से ज्यादा का हो गया एक जबरदस्त 130 एक ग्रोथ और उस टाइम पर इनकी एक फेमस टैगलाइन सबकी जुमा पर होती थी जिसका नाम था डो इट और यह.

बहुत ही शानदार ग्रोथ कर रहा था इतनी भारी इन्वेस्टमेंट्स के साथ भी इनको कोरोना का बहुत बड़ा फायदा मिला जिससे इनके रेवेन्यू भी बहुत ज्यादा इंक्रीज हो गए थे अगर रेवेन्यू को देखा जाए तो जहां पर 2019 में ये 70 लाख का बिजनेस कर रहे थे वहां पर 2020 में इनका रेवेन्यू 27 करोड़ का पहुंच गया मतलब कोरोना का असली फायदा तो डज वाले ने ही उठाया था क्यों हिला डाला ना डो.

अच्छी खासी ग्रोथ के साथ मार्केट को कैप्चर करने में सफल रहा था बट ये सारी ग्रोथ एक कॉस्ट पर आई थी अब देखो रेवेन्यू भले ही कितना हो पर हमारी जनता बहुत स्मार्ट है उनको पता है कि रेवेन्यू से फर्क पड़े ना पड़े पर प्रॉफिट एंड लॉस से तो जरूर फर्क पड़ता है इसलिए मैं आपको बता दूं कि 2019 में कंपनी ₹1 कमाने के लिए ₹2500000.

भी था कि डंजों ने अच्छे खासे मार्केट शेयर को कैप्चर कर लिया था भारी इन्वेस्टमेंट्स के साथ बस उनको लॉसेस कवर करने का सोचना था अब इन्वेस्टर्स का पैसा है भाई उड़ाना तो है ही आई मीन इन्वेस्ट करना है पैसा ही पैसा होगा ंजू से अपने हाइपर लोकल मार्केट में जो लॉसेस हो रहे थे वो कवर नहीं हो रहे थे इन्होंने ओवर कॉन्फिडेंस में आकर 2021 अगस्त में डेंजो.

डेली के नाम से क्विक कॉमर्स के मार्केट में भी उतरने की कोशिश करी और लेकर आए 19 मिनट का डिलीवरी मॉडल एक ऐसी ज जगह जहां पर ऑलरेडी बहुत ज्यादा भीड़ थी और बहुत ज्यादा कंपटीशन भी और बस यहीं से ही उनका डाउनफॉल स्टार्ट हो गया था क्योंकि वो दूसरी नाव में भी पांव दे रहे थे पहली के साथ-साथ और बस यही एक गलती थी जो डंजों पर बहुत ज्यादा भारी पड़ गई थी आगे चलकर.

क्विक कॉमर्स मार्केट में बिग बास्केट स्विगी इंस्मार्ट ब्लैंकेट जेप टॉप पहले से ही अपना दबदबा बनाए हुए थे जिनके पास डंजों से बहुत ज्यादा इन्वेस्टमेंट थी और वहीं पर ही डेंजो मार्केट में आ गया और मेट्रो सिटीज में अपने डार्क स्टोर ओपन करने चालू करें और 2022 में इन्होंने करीबन 250 डार्क स्टोर्स सेटअप कर लिए थे दिल्ली बैंगलोर हैदराबाद जैसी टियर वन.

सिटीज में और सबसे बड़ा मूवमेंट तो तब आया जब reliance.in के लिए तो reliance1 करोड़ का पहुंच चुका था और 2023 में तो 226 करोड़ का पहुंच चुका था लेकिन लेकिन लेकिन मेन बात तो यह है कि यह तब भी भारी लॉसेस में थी fy21 में ंजू का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 25.1 करोड़ था लेकिन कंपनी को 229 करोड़ का लॉस हुआ एफ 22 में.

कंपनी का रेवेन्यू 2.1 एक ग्रो कर करर 54.3 करोड़ का पहुंच चुका था लेकिन लॉसेस भी डबल होकर 464 करोड़ के पहुंच गए और ये लॉसेस का कारण कंपनी का अग्रेसिव एक्सपेंशन और क्विक कॉमर्स पर फोकस करने का नतीजा था जिसमें एक्सपेंस बहुत ज्यादा बढ़ गए थे और ये डार्क स्टोर्स इनको एक डार्क फ्यूचर की तरफ ले गए इतनी सारी फंडिंग के बाद भी और मार्केट में सबसे.

पहले एंटर करने के बाद भी नो क्विक कॉमर्स का मार्केट शेयर कैप्चर कर नहीं पाई और ऐसा अगले साल भी हुआ इनके रेवेन्यू तो तेजी से बढ़े पर लॉसेस उससे भी तेजी से काफी जल्दी भाग रहे थे अब इतने लॉसेस तो हो ही रहे थे तो कंपनी के इन्वेस्टर्स को भी समझ में आया कि अपने पैसे तो जल्द से जल्द निकाल लो इसलिए भेजने चालू करें और इसके अलावा उनको.

वेंडर्स को भी पैसे देने के लिए पैसे नहीं बचे थे और वह लगातार कंपनी के एंप्लॉयज को फायर कर रही थी इन लॉसेस को कवर करने के लिए कंपनी को एक-एक करके अपने सारे डार्क स्टोर्स बंद करने पड़े और साथ ही साथ काफी सारे वेंडर एग्रीमेंट से भी एग्जिट लेना पड़ा अब कंपनी लॉसेस के साथ-साथ लीगल बैटल भी लड़ रही थी और इनके को फाउंडर्स और बोर्ड मेंबर्स भी एग्जिट ले रहे थे मतलब.

सिंपल वर्ड्स में तो कंपनी के एल लग चुके थे साला ये दुख का खत्म नहीं होता बे और इसके साथ-साथ डेंजो पर जितने भी ऑर्डर्स आते थे उन पर उनको लॉसेस ही हो रहे थे एक ऑर्डर पर डेंजो करीबन ₹ 30 का लॉस करता था क्योंकि उनके ऑर्डर्स का एवरेज ऑर्डर वैल्यू भी काफी कम होता था जिससे उनके लॉसेस बढ़ते ही रहते थे और आज इनकी हालत ऐसी हो गई है कि इन्होंने अपने.

सारे डार्क स्टोर्स बंद कर दिए हैं और आज ये सिर्फ बैंगलोर में ऑपरेट करते हैं सेवन डार्क स्टोर्स से और मुकेश अंबानी ने भी जिन्होंने 200 मिलियन डॉलर की इन्वेस्टमेंट करी थी डेंजो ने उन्होंने अपना मन बना लिया है 00 मिलियन डॉल की इन्वेस्टमेंट राइट ऑफ करने का क्योंकि उनको पता है अब ये वापस नहीं आने वाले हैं भाई साहब डाउनफॉल इज रियल और क्या होगा.

अगर मैं आपको बताऊं कि reliance1 का एक बहुत बड़ा रीजन है क्योंकि जैसे मैंने आपको बताया था कि reliance1 डिसीजंस पे साथ सिंस उनके पास टो पावर थी उन्होंने डज को किसी और इन्वेस्टर से भी पैसे रेज करने नहीं दिए और अब ऐसा लग रहा है कि reliancejewels.in लाइक एंड सब्सक्राइब करना मत भूलिए और हमने ऐसी डिटेल बिजनेस.

केस स्टडी वीडियोस ओयो और अनअकैडमी पर भी बना रखी हैं तो चैनल को जरूर चेक आउट करना आज की वीडियो में बस इतना ही मिलते हैं जल्दी नेक्स्ट वीडियो में तब तक के लिए जय हिंद

Find the right tool

Compare 200+ AI & SaaS tools — or tell us what you need and we’ll match you with providers, free.

Get the best of the blog

One email a week with new guides and tool picks. No spam; unsubscribe any time.

Keep reading

Get the best of the blog

One email a week with new guides and tool picks. No spam; unsubscribe any time.