Home › IT Blog › Case Study › How Caratlane DISRUPTED India’s Diamond Jewellery Market? Business Case Study

How Caratlane DISRUPTED India’s Diamond Jewellery Market? Business Case Study

How Caratlane DISRUPTED India’s Diamond Jewellery Market? Business Case Study

At a glance

Read
1 min
Sections
1
Published
12/01/2025

एक ऐसी कंपनी जो हर महीने करोस ऑफ रुपीस का लॉस ब्लीड कर रही थी और एकदम डूबने की कगार पे थी 50 करोड़ का कमिटमेंट तो मैं कर चुका हूं ऐसे सिचुएशंस में लोग कैरिड अवे हो जाते हैं कमिट पे कमिट करे जा रहे हैं यार उस कंपनी ने एक ऐसा कमबैक किया कि पूरे इंडियन ज्वेलरी मार्केट में तबाही मच गई इंडियन स्टार्टअप इकोसिस्टम का ये वन ऑफ द.

बिगेस्ट कमबैक कहलाया इन दिस वीडियो वी आर गोइंग टू टॉक अबाउट द वेरी फैसटिकट ऑफ कैरेट लेन जो कि एक प्रॉमिनेंट इंडियन ज्वेलरी ई-कॉमर्स ब्रांड है जरा सोचिए अगर आप इंटरनेट पर बैठकर हीरे खरीद पाए और वो भी सर्टिफिकेट के साथ एंड इज अ पायनियर ऑफ ऑनलाइन ज्वेलरी रिटेल इन इंडिया सो इस कहानी की शुरुआत होती है कैरेट लेन के फाउंडर मिथुन सचेती से जो एक ऐसी मारवाड़ी.

फैमिली से हैं जिनकी प्रीवियस तीन जनरेशन ज्वेलरी बिजनेस करती आ रही हैं मिथुन के फादर की मुंबई शहर के अंदर जयपुर जेम्स नाम की एक ज्वेलरी शॉप थी बहुत ही यंग एज से मिथुन ज्वेलरी बिजनेस को देखते आ रहे थे एंड ही लर्न अ लॉट अबाउट इंडस्ट्रीज नुआंसेस ऑलरेडी फिर उन्होंने जेमोलॉजिकल इंस्टिट्यूट ऑफ अमेरिका से जेमोलॉजी की पढ़ाई करी बेसिकली जेम स्टोंस के बारे में.

पढ़ा एंड देन मुंबई वापस आकर उन्होंने अपने फैमिली बिजनेस को जॉइन कर लिया बट मिथुन वाज नॉट सेटिस्फाइड एंड ही वांटेड टू मेक समथिंग बिग वो इंडियन ज्वेलरी मार्केट में कुछ डिफरेंट ही करना चाहते थे यह बात हो रही है भाई साहब 2007 की जब एल ने अपना पहला आ लच किया था आर कंग आ जो अपने स्लीक डिजाइन और टच स्क्रीन की वजह से क्विकली एक सेंसेशन बन गया था.

मीनवाइल उस टाइम पर इंडिया के अंदर ई-कॉमर्स बहुत ही ज्यादा रेपिडली बढ़ रहा था flipkart-com वाज जस्ट गेटिंग स्टार्टेड इन इंडिया सो एक दिन मिथुन अपने ज्वेलरी स्टोर पर बैठे हुए थे तब उन्हें यह आईडिया आया कि जब बुक्स क्लॉथस इलेक्ट्रॉनिक आइटम सब कुछ ऑनलाइन बिक रहा है तो क्यों ना मैं ज्वेलरी की भी ऑनलाइन शॉपिंग करवा दूं एंड.

दैट्ची ट लेन वास फाउंडेड हिर सचेती नीडेड हेल्प फ्रॉम अ टकी गाय जो ई-कॉमर्स प्लेटफार्म बनाने में उनकी हेल्प करे और यहां पर एंट्री होती है उनके को फाउंडर्स श्रीनिवास गोपालन और अनीश आनंद की और इस ट्रायो ने बिल्ड किया एक ऐसा ब्रांड जिसने इंडियन ज्वेलरी मार्केट को डिसर पट करके रख दिया 2010 में इन लोगों ने कैरेट लेन का ई-कॉमर्स प्लेटफार्म लॉन्च किया अर्ली.

इन द बिजनेस कैरेट लेन ने पहले ही फिगर आउट कर लिया था कि इंडिया के अंदर गोल्ड का एक बहुत ही हाई कंपटिंग मार्केट है एज गोल्ड का प्राइस हमेशा से ही सभी के लिए ट्रांसपेरेंट रहा है जिसकी वजह से यहां पर मार्जिंस काफी ज्यादा लो हो जाते हैं सिर्फ हायर मेकिंग चार्जेस से ही यहां पर ज्यादा से ज्यादा पैसे बनाए जा सकते हैं एंड सचेती वाज नॉट इंटरेस्टेड इन दिस.

बिजनेस मॉडल इसीलिए कैरेट लेन ने डिसाइड किया कि वो गोल्ड ज्वेलरी पर फोकस ना करके डायमंड ज्वेलरी पर फोकस करेंगे डायमंड ज्वेलरी हैव हायर मार्जिन और वो एक लग्जरी आइटम की तरह मार्केट भी किया जा सकता है एंड एज वी नो इंडिया के अंदर वमें जस्ट लव ज्वेलरी बट द प्रॉब्लम इज वो हर दिन इन ज्वेलरी को पहन नहीं सकती इन ज्वेलरी को उन्हें किसी बैंक लॉकर या सेफ में रखना.

पड़ता है इट्स लाइक हैविंग अ स्पोर्ट्स कार बट यू कांट ड्राइव इट एवरी डे लॉन्ग कैरेट ले ने इसी गैप को ढूंढा एंड दे ऑफर्ड हाई क्वालिटी ज्वेलरी एट लोअर प्राइसेस जिन्हें आप हर रोज पहनकर घूम सकते हो इंडियंस कैरेट लेन की ज्वेलरी बहुत ज्यादा पसंद कर रहे थे क्योंकि वो स्टाइलिस्ट थी अफोर्डेबल थी कैरेट लेन ने मेट्रोपॉलिटन सिटीज लाइक मुंबई दिल्ली.

बैंगलोर चेन्नई इन सब में रह रही 22 से 50 साल तक की अपर मिडिल क्लास फैमिली की फीमेल्स को टारगेट करना शुरू किया गैरेट लेन ने 2011 में सीरीज ए फंडिंग के थ्रू इन्वेस्टर्स से $ मिलियन डॉल रेज किए फिर 2012 और 2013 में दे रेज अनदर $ मिलियन डॉल इन सीरीज बी फंडिंग राउंड एंड 15$ मिलियन डल इन अनदर सीरीज सी राउंड इन्वेस्टर्स का कैरेट लेन पर ट्रस्ट बढ़.

रहा था उस टाइम पर इनका सबसे बड़ा इन्वेस्टर था टाइगर ग्लोबल इस फंडिंग से कैरेट लेन ने अपने टेक पर अपने मोबाइल प्लेटफॉर्म पर इन्वेस्ट किया कैरेट लेन ने ही दुनिया का सबसे पहला वर्चुअल ज्वेलरी ट्राई ऑन ऐप लॉन्च किया था ताकि कस्टमर्स को और भी ज्यादा इंगेजिंग शॉपिंग एक्सपीरियंस मिले बेसिकली आप वर्चुअली ज्वेलरी पहन सकते हो और डिसाइड कर सकते हो.

व्हाट्स बेस्ट फॉर यू जस्ट लाइक हम लेंस कार्ट में चश्मे ट्राई करते हैं इंडिया का इंटरनेट इकोसिस्टम बढ़ रहा था लोग धीरे-धीरे ऑनलाइन शॉपिंग में इंटरेस्ट ले रहे थे और वहीं कैरेट लेन की 300 पर से ग्रोथ हो रही थी ऑनलाइन के साथ-साथ कैरेट लेन ने अब अपनी ऑफलाइन प्रेजेंस बढ़ानी भी शुरू कर दी थी क्योंकि कुछ कस्टमर्स ऐसे भी थे जो वर्चुअली नहीं फिजिकली ज्वेलरी.

को देखना प्रेफर करते करते थे मुंबई दिल्ली बैंगलोर चेन्नई जैसी सिटीज में कैरेट लेन ने अपने ऑफलाइन स्टोर शुरू किए एट दिस पॉइंट कट लेन रिपोर्टेड अ ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू ऑफ $ मिलियन डॉलर ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू का मतलब अगर आपने ऑनलाइन अपना कुछ माल बेचा उसको बेचकर जितना भी पैसा आपके पास आया उसे कहते हैं ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू एग्जांपल के लिए.

अगर एक कंपनी ऑनलाइन 15 नोटबुक्स बेचती है एट अ प्राइस ऑफ $10 पर नोटबुक तो यहां पर उसकी ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू हो जाती है $150 सिंपल कैरेट लेन के सामने कुछ बड़े कंपीटीटर्स भी थे जैसे ब्लूस्टोन वला जिनके पास वैरायटी ऑफ प्रोडक्ट्स से ऑफर करने के लिए इंक्लूडिंग ब्राइडल एथनिक एंड कंटेंपरेरी डायमंड ज्वेलरी ब्लू स्टोन यला जैसे कंपीटीटर से लड़ने के लिए कैरेट लेन.

रेज्ड अनदर सीरीज डी फंडिंग राउंड ऑफ 31 मिलियन डॉल जिसके बाद उन्होंने अपने डिस्ट्रीब्यूशन और लॉजिस्टिक्स पर फोकस करना शुरू कर दिया कट लेन पार्टनर अब विद कर पाए और कस्टमर्स को फास्ट एंड रिलायबल डिलीवरी भी मिले क्योंकि उस टाइम पर ना amazon2 लेन वाज बैंग ऑन वो एक ग्रोथ फेज में चल रहे थे बट चीजें यहां पर बिगड़ने शुरू हो जाती हैं इन दी एंड ऑफ 2016 पूरी.

ओवरऑल इंडियन इकॉनमी में एक मेजर स्लोडाउन देखने को मिलता है बहुत सारी ई-कॉमर्स कंपनीज लाइक 141 करोड़ इंड फाइनेंशियल ईयर 2016 कस्टमर्स की नजरों में कैरेट लेन अब तक कोई एक वेल स्टैब्स ब्रांड नहीं बना था क्योंकि बिग ंक ऑफ कस्टमर्स अब भी हेसिटेशन करते थे ऑनलाइन ज्वेलरी परचेस करना और कस्टमर्स के घर जाकर उन्हें.

ज्वेलरी दिखाना फिर वो परचेस करें दिस वाज वे टू एक्सपेंसिव क्योंकि इंडियंस अभी सिर्फ बेबी स्टेप्स ही ले रहे थे ई-कॉमर्स को अडॉप्ट करने में तो ऑनलाइन ज्वेलरी को परचेस करना ठीक नहीं लगता था इंस्टेड वह खुद फिजिकली जाकर स्टोर्स पर ज्वेलरी को चेक करें और मिथुन सचेती फिजट मॉडल चाहते थे कि डिजिटल प्रेजेंस के साथ-साथ उनकी फिजिकल प्रेजेंस भी रहे इसीलिए कैरेट लेन.

को अपने ऑफलाइन स्टोर्स बढ़ाने थे ताकि वह दुनिया की नजरों में एक ट्रस्टेबल ब्रांड बने लेकिन उनका सबसे बड़ा इन्वेस्टर टाइगर ग्लोबल नहीं मान रहा था उनके अकॉर्डिंग स्टोर्स एक्सपेंशन वाली स्ट्रेटेजी वर्क नहीं करेगी टाइगर ग्लोबल अपने स्टेक्स बेचकर यहां पर एग्जिट लेना चाहते थे और यहां पर एंट्री होती है रतन टाटा की कंपनी टाइटन की टाइगर ग्लोबल अपने सारे स्टेक्स.

टाइटन कंपनी को सेल कर देता है और टाइटन कैरेट लेन का 65 पर स्टेक परचेस कर लेती है बीइंग द मेजर स्टेकहोल्डर टाइटन के इन्वेस्ट करने के बाद तो मानो कैरेट लिन की पूरी कुंडली ही बदल गई टाइटन के आने के बाद टू मेजर थिंग हैपेंड दैट मेड कैटलिन अ 177000 करोस ब्रांड नंबर वन इज ट्रस्ट एस टाटा जहां पर भी आ जाते हैं लोगों का ट्रस्ट ऑटोमेटिक बढ़ जाता है तो देखो हम.

इंडियन कंज्यूमर्स जो होते हैं ना वो अपने फैमिली जूलर से काफी ज्यादा लॉयल होते हैं किसी के घर की शादी हो दिवाली हो हम अपने ट्रस्टेड ज्वेलर के पास से ही ऑर्ट्स परचेस करते हैं जैसे मालू जूलर्स गुप्ता जूलर्स शर्मा जूलर्स शाउट आउट टू माय फ्रेंड हर्ष जूलर्स क्योंकि ज्वेलरी इंडस्ट्री को यही हाई स्ट्रीट रिटेलर्स स्मॉल एंड मीडियम साइज एंटरप्राइजेस.

डोमिनेट करते हैं और वही एंटिटीज लाइक तनिष्क पीसी ज्वेलर्स कल्याण ज्वेलर्स सिर्फ 30 पर ही मार्केट को कैप्चर कर पाए हैं इंडिया में लोग कुछ भी खरीदने से पहले दो बार सोचते हैं और जब एक्सपेंसिव ज्वेलरी की बात हो तो भाई ट्रस्ट प्लेज अ वाइटल रोल दैट्ची ज्यादा इजी हो जाती है क्योंकि टाइटन के एक्यू सजन के बाद कैरेट लेन के.

पास आ चुका है टास का ट्रस्ट इवन पता है कैरेट लेन की अब एडवरटाइजमेंट्स कैसी होती हैं कैरेट लेन के फिजिकल स्टोर्स में लिखा होता है अ तनिष्क पार्टनरशिप दीज आर मास्टर स्ट्रोक लाइंस जो चेरी ऑन द केक हैं टन के आने के बाद कैरेट लेन आल्सो प्रोवाइडेड सर्विसेस लाइक ट्राई एट होम फॉर फ्री 30 डे मनी बैक लाइफ टाइम एक्सचेंज गारंटी एंड सर्टिफिकेशन फ्रॉम.

इंस्टीट्यूशंस और वही उनका सबसे बड़ा कंपीटीटर ब्लूस्टोन जिसको इंडिया के वन ऑफ द बिगेस्ट वसी एकल से फंडिंग मिली थी वो कहीं ना कहीं गेम में पीछे रह गया एंड देन सेकंड थिंग बज कैरेट लेन मार्जिंस का किंग है तो देखो इंडिया में ना मोस्टली जूलर्स की इन्वेंटरी कॉस्ट बहुत ही ज्यादा हाई होती है क्योंकि उन्हें डिफरेंट काइंड ऑफ डिजाइंस की ज्वेलरी रखनी पड़ती है अपने.

कस्टमर्स को दिखाने के लिए और फाइनल प्रोडक्ट बनने में भी टाइम लगता है तो एक सेफ्टी स्टॉक भी उन्हें रखना ही पड़ता है जिसकी वजह से उनकी इन्वेंटरी कॉस्ट बहुत ज्यादा हाई हो जाती है एंड दैट्ची इन्वेंटरी कॉस्ट है जीरो कैरेट लेन का 4000 डायमंड वेंडर्स का एक बहुत ही बड़ा बड़ा नेटवर्क है अक्रॉस इंडिया इजराइल न्यूयॉर्क एंड बेल्जियम फिर इनके.

पास खुद का एक बड़ा सा मैन्युफैक्चरिंग सेटअप है जहां पर ये अपनी सिंपल बट मॉडर्न डायमंड ज्वेलरी डिजाइन करते हैं फिर कैरेट लेन डेल मॉडल पर भी चलता है यानी मैन्युफैक्चरिंग तभी स्टार्ट होगी जब ऑर्डर प्लेस होगा जिसकी वजह से कैरेट लेन का इन्वेंटरी कॉस्ट का खर्चा हो जाता है जीरो और वो इसमें 34 पर तक का मार्जिन सेव कर लेते हैं कंपेयर्ड टू द ट्रेडिशनल.

जूलर्स यही सेम स्ट्रेटेजी ब्लू लाइ ने भी यूज़ की थी जो कि एक अमेरिकन ऑनलाइन ई-कॉमर्स ज्वेलरी ब्रांड है मिथुन सचेती का विजन पहले से ही क्लियर था कैरेट लेन को एक इंडियन ज्वेलरी लाइफस्टाइल ब्रांड बनाना चाहते थे एक नए इंडिया के लिए यंगस्टर्स के लिए वो चाहते थे सिर्फ शादियों में ही नहीं उनकी ज्वेलरी हर छोटे-बड़े ऑकेजंस में यूज़ हो जैसे.

बर्थडेज एनिवर्सरीज फैमिली फंक्शंस लाइक रक्षाबंधन एटस एंड यू वोंट बिलीव नॉर्मली जूलर्स का रिपीट कस्टमर रेट होता है एवरेज 4 पर और वहीं कैरेट लेन का रिपीट कस्टमर रेट है 25 पर व्हिच इज माइंड ब्लोइंग कैरेट लेन का फंडा बहुत ही सिंपल था मेक द बैरियर टू एंट्री सुपर लो यानी कि ज्वेलरी इतनी अफोर्डेबल प्राइसेस में बेचो कि कस्टमर्स को ओवरथिंक करने की जरूरत ही ना.

पड़े जैसे कि तनिश का एवरेज सेलिंग प्राइस है . 5 लाख और वहीं कैरेट लेन का एवरेज सेलिंग प्राइस है सिर्फ ₹2500000 सबसे ज्यादा इन्फ्लुएंस करती हैं यंग डॉटर्स अब बस उनको कन्वेंस करना है नंबर थ्री लेट द इन्फ्लुएंस इन्फ्लुएंस अदर्स इन द फैमिली फिर यही यंग फीमेल्स जो कैरेट लेन की प्राइम टारगेट ऑडियंस है वो अपने फैमिली मेंबर्स को इन्फ्लुएंस करेंगी.

ज्वेलरी परचेस करने के लिए एंड नंबर फोर अप सेल देम ऑन द नेक्स्ट विजिट मोस्टली जब कस्टमर्स इंप्रेस होते हैं तो वो रिपीट कस्टमर बन जाते हैं और नेक्स्ट विजिट में वो महंगे सेगमेंट वाले प्रोडक्ट्स भी खरीदते हैं जिससे अल्टीमेटली कैरेटे बिग फैट रेवेन्यू बनाता है दीज आर द फाइनेंशियल्स ऑफ़ कैट लेन फ्रॉम fy1 टू f 2023 एक्सट्रीमली बुलिश ग्रोथ लास्ट टू.

फाइनेंशियल इयर्स की अगर बात करें एफवा 22 में कैरेट लेन मेड अ माइंड बॉगलिंग रेवेन्यू ऑफ़ ₹1 57 करोड़ विथ अ प्रॉफिट ऑफ़ 99 करोड़ एंड इन एफवा 23 द रेवेन्यू वाज मैमथ 2132 करोड़ विथ अ नेट प्रॉफिट ऑफ़ 170 करोड़ बाय द डेट इंडिया के अंदर कैरेट लेन के 2 50 प्लस फिजिकल रिटेल स्टोर्स हो चुके हैं और आगे चलकर अब यह इंडस्ट्री और.

भी ज्यादा ग्रो करने वाली है ए इन दी एंड आई वुड लाइक टू से कि टाइटन के एक बड़े क्राउन एंपायर में कैरेट लेन उनका सबसे बड़ा डायमंड है व्हाट डू यू गाइस थिंक प्लीज नीचे कमेंट डाउन योर ओपिनियन एंड विद दिस सेड थैंक यू सो मच फॉर वाचिंग दिस वीडियो इफ यू आर न्यू टू माय चैनल प्लीज कंसीडर सब्सक्राइब इट एंड चेकिंग आउट माय प्रीवियस कंटेंट एज वेल एंड आई विल सी यू.

इन द ने [संगीत]

Find the right tool

Compare 200+ AI & SaaS tools — or tell us what you need and we’ll match you with providers, free.

Get the best of the blog

One email a week with new guides and tool picks. No spam; unsubscribe any time.

Keep reading

Get the best of the blog

One email a week with new guides and tool picks. No spam; unsubscribe any time.